📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohan Pawar
स्थानीय
ग्वालियर शीतला माता मंदिर के पास सड़क हादसे में 14 मृत, मुख्यमंत्री ने मुआवजा घोषित
✍️ Amar Ujala · Gwalior
🗓 18 अक्टू. 2026, 10:45 AM
👁 18
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए सड़क हादसे में 14 लोगों की मौत और 29 घायल हुए, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता का वादा किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया।
ग्वालियर, मध्य प्रदेश में शीतला माता मंदिर के पास एक बहु-वाहन टकराव हुआ, जिससे 14 लोगों की मौत और 29 लोगों को चोटें आईं, स्थानीय अधिकारियों ने बताया। आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत घायल लोगों को निकटवर्ती अस्पतालों में पहुंचाया और मलबे को हटाने के लिए बचाव दल जुटे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुर्घटना स्थल का दौरा किया और मृतकों व घायल परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की घोषणा की। सहायता की राशि अभी सार्वजनिक नहीं की गई, पर मुख्यमंत्री ने इसे शीघ्रता से वितरित करने का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों नेताओं ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की मांग की, जिसमें तेज गति और ट्रैफ़िक प्रबंधन की कमी को संभावित कारण बताया गया है।
पुलिस ने दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने मंदिर के आसपास ट्रैफ़िक नियंत्रण को कड़ा करने और आगे की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त ट्रैफ़िक पुलिस तैनात कर दी है।
यह घटना मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा उपायों पर पुनः चर्चा को जन्म दे रही है, जहाँ तेज गति पर रोक और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुर्घटना स्थल का दौरा किया और मृतकों व घायल परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की घोषणा की। सहायता की राशि अभी सार्वजनिक नहीं की गई, पर मुख्यमंत्री ने इसे शीघ्रता से वितरित करने का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों नेताओं ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की मांग की, जिसमें तेज गति और ट्रैफ़िक प्रबंधन की कमी को संभावित कारण बताया गया है।
पुलिस ने दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने मंदिर के आसपास ट्रैफ़िक नियंत्रण को कड़ा करने और आगे की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त ट्रैफ़िक पुलिस तैनात कर दी है।
यह घटना मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा उपायों पर पुनः चर्चा को जन्म दे रही है, जहाँ तेज गति पर रोक और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों के आसपास बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग की जा रही है।