📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aksh2005
अपराध
सुनाम में चिट्टे के विरोध में वीडियो बनाने पर धमकियों के बाद युवक ने जहर पीकर आत्महत्या की कोशिश
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 21 सित. 2026, 10:31 AM
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नमोल गाँव के जग्गा सिंह ने चिट्टे के खिलाफ वीडियो बनाने पर मिलने वाली धमकियों और पुलिस की निष्क्रियता से निराश होकर डीसी कार्यालय के सामने जहर पी लिया।
पंजाब के सुनाम के निकटवर्ती गाँव नमोल के निवासी जग्गा सिंह ने जिला आयुक्त के कार्यालय के सामने जहर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। वह यह कदम इसलिए उठाए क्योंकि उन्होंने चिट्टे नामक स्थानीय ताकतवर के खिलाफ एक वीडियो बनाया था, जिससे उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ा और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, सिंह ने वीडियो बनाने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस अनदेखी से निराश होकर वह सार्वजनिक स्थान पर अपने जीवन को खतरे में डालने का निर्णय ले गया।
आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत सिंह को निकटतम अस्पताल ले जाकर उपचार किया। पुलिस ने गाँव के सरपंच के विरुद्ध मामला दर्ज किया है, यह आरोप लगाते हुए कि सरपंच ही धमकियों के पीछे था।
जिला आयुक्त कार्यालय ने बताया कि इस घटना की पूरी जांच की जा रही है और स्थानीय ताकतवरों के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्राधिकरण ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की तुरंत रिपोर्ट करें, क्योंकि स्थानीय नेताओं की आलोचना पर दबाव डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, सिंह ने वीडियो बनाने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस अनदेखी से निराश होकर वह सार्वजनिक स्थान पर अपने जीवन को खतरे में डालने का निर्णय ले गया।
आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत सिंह को निकटतम अस्पताल ले जाकर उपचार किया। पुलिस ने गाँव के सरपंच के विरुद्ध मामला दर्ज किया है, यह आरोप लगाते हुए कि सरपंच ही धमकियों के पीछे था।
जिला आयुक्त कार्यालय ने बताया कि इस घटना की पूरी जांच की जा रही है और स्थानीय ताकतवरों के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्राधिकरण ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की तुरंत रिपोर्ट करें, क्योंकि स्थानीय नेताओं की आलोचना पर दबाव डालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।