📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Reaaaan
मनोरंजन
यश की 'टॉक्सिक' पर महिला किरदारों की कमी की आलोचना
✍️ The Indian Express
🗓 29 अग. 2026, 03:38 AM
👁 23
फिल्म को महिला आवाज़ देने का दावा किया गया था, पर समीक्षकों ने कहा कि इसके पाँच महिला किरदारों को कोई ठोस विकास नहीं मिला।
यश की नई फ़िल्म “टॉक्सिक” ने महिलाओं की आवाज़ को प्रमुख बनाने का वादा किया था। प्रचार में पाँच अलग‑अलग महिला किरदारों को दिखाया गया, जिससे उनके किस्सों पर ध्यान दिया जाएगा, ऐसा संकेत मिला।
परंतु समीक्षकों ने बताया कि इन पाँच महिलाओं में से किसी को भी स्पष्ट चरित्र विकास नहीं मिला। पटकथा में महिला भूमिकाओं को सीमित एजेंसी और विकास दिया गया है, जिससे वे मुख्य कथा से अलग रह गईं।
यह टिप्पणी भारतीय सिनेमा में लिंग प्रतिनिधित्व से जुड़ी निरंतर आलोचनाओं को उजागर करती है, जहाँ “टॉक्सिक” को महिला सशक्तिकरण के वादे को वास्तविकता में नहीं बदलने का उदाहरण माना गया है।
परंतु समीक्षकों ने बताया कि इन पाँच महिलाओं में से किसी को भी स्पष्ट चरित्र विकास नहीं मिला। पटकथा में महिला भूमिकाओं को सीमित एजेंसी और विकास दिया गया है, जिससे वे मुख्य कथा से अलग रह गईं।
यह टिप्पणी भारतीय सिनेमा में लिंग प्रतिनिधित्व से जुड़ी निरंतर आलोचनाओं को उजागर करती है, जहाँ “टॉक्सिक” को महिला सशक्तिकरण के वादे को वास्तविकता में नहीं बदलने का उदाहरण माना गया है।