📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Soonuu
अपराध
रतलाम जेल में महिला बंदियों ने छोटी दिवाली को 'मुक्ति दिवस' के रूप में मनाया, कृष्णा गुरुजी के मार्गदर्शन में
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 07 नव. 2026, 08:45 PM
👁 10
छोटी दिवाली और रूप चौदस को रतलाम जिला जेल में महिला बंदियों ने 'मुक्ति दिवस' के रूप में मनाया और कृष्णा गुरुजी के आध्यात्मिक संदेश के बाद नई शुरुआत का संकल्प लिया।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिला जेल ने महिला बंदियों के लिए छोटी दिवाली और रूप चौदस को "मुक्ति दिवस" के रूप में मनाया। यह कार्यक्रम कैदियों को नैतिक पुनरुत्थान और आत्म-सुधार का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कृष्णा गुरुजी, एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक, ने महिलाओं को संबोधित करते हुए आत्म‑सुधार, जिम्मेदारी और जेल के बाद सकारात्मक भविष्य की संभावना पर बल दिया। उन्होंने अतीत की गलतियों से सीखने और रचनात्मक आदतें अपनाने की सलाह दी।
पचास से अधिक बंदियों ने इस संदेश को अपनाते हुए नई शुरुआत का संकल्प लिया, और पुनर्वास के प्रयासों में इस मार्गदर्शन को लागू करने का वादा किया। जेल अधिकारियों ने इस पहल को महिला कैदियों के लिए सुधारात्मक कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में सराहा।
यद्यपि समारोह का पैमाना सीमित था, इसने भारतीय जेलों में पुनर्वासात्मक माहौल को सुदृढ़ करने में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की भूमिका को उजागर किया।
कृष्णा गुरुजी, एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक, ने महिलाओं को संबोधित करते हुए आत्म‑सुधार, जिम्मेदारी और जेल के बाद सकारात्मक भविष्य की संभावना पर बल दिया। उन्होंने अतीत की गलतियों से सीखने और रचनात्मक आदतें अपनाने की सलाह दी।
पचास से अधिक बंदियों ने इस संदेश को अपनाते हुए नई शुरुआत का संकल्प लिया, और पुनर्वास के प्रयासों में इस मार्गदर्शन को लागू करने का वादा किया। जेल अधिकारियों ने इस पहल को महिला कैदियों के लिए सुधारात्मक कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में सराहा।
यद्यपि समारोह का पैमाना सीमित था, इसने भारतीय जेलों में पुनर्वासात्मक माहौल को सुदृढ़ करने में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की भूमिका को उजागर किया।