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02 नव. 2026•
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आरक्षण कानून के बावजूद, चुनावों में महिलाओं को मिले सिर्फ 10% टिकट
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Development of North Eastern Region
देश

आरक्षण कानून के बावजूद, चुनावों में महिलाओं को मिले सिर्फ 10% टिकट

✍️ Amar Ujala 🗓 18 जून 2026, 09:01 PM 👁 66
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आरक्षण कानून लागू होने के बावजूद, महिलाओं को कथित तौर पर चुनाव टिकटों का केवल 10 प्रतिशत ही मिला है, जो एक महत्वपूर्ण अंतर को दर्शाता है।

चुनावों में टिकट वितरण के एक हालिया विश्लेषण से पता चला है कि महिला उम्मीदवारों को कुल टिकटों का केवल 10 प्रतिशत ही आवंटित किया गया है। यह स्थिति आरक्षण कानूनों के बावजूद उत्पन्न हुई है, जिनका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना है।

निष्कर्ष बताते हैं कि महिलाओं का चुनावी प्रक्रिया में हाशिए पर बने रहना जारी है, भले ही विधायी उपाय मौजूद हों। आरक्षण कानून के इरादे और टिकटों के वास्तविक वितरण के बीच का अंतर, लैंगिक समानता प्राप्त करने में वर्तमान नीतियों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।

टिकटों का यह सीमित आवंटन इंगित करता है कि राजनीतिक परिदृश्य उन समावेशिता के सिद्धांतों को पूरी तरह से नहीं अपना रहा है जिन्हें आरक्षण कानून बढ़ावा देना चाहते हैं। महिलाओं की भागीदारी को प्रतिबंधित करने वाली प्रणालीगत बाधाओं को समझने के लिए आगे की जांच की आवश्यकता है।
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