📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / India Post, Government of India
धर्म
क्या सावन 2026 में देवघर के बाबा बैद्यनाथ शिवलिंग पर अरघा हटाया जाएगा?
✍️ Amar Ujala · Bhagalpur
🗓 27 जुल. 2026, 01:20 PM
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देवघर में यह चर्चा है कि सावन 2026 में बाबा बैद्यनाथ शिवलिंग पर अरघा डालने की रस्म को हटाया जाएगा या स्थायी रूप से जारी रहेगा।
देवघर, जो अपने ज्योर्तिलिंग और माता सती के शक्तिपीठ के लिए प्रसिद्ध है, में एक अनोखी व्यवस्था है जहाँ शिवलिंग और शक्तिपीठ एक-दूसरे का सामना करते हैं। सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ शिवलिंग पर अरघा डालने की रस्म इस मंदिर की परंपरा का प्रमुख हिस्सा है।
हाल ही में भक्तों और स्थानीय पर्यवेक्षकों के बीच यह चर्चा चल रही है कि अरघा को हर बार हटाने के बाद स्थायी रूप से रखा जा सकता है, जिससे एक स्थायी व्यवस्था का संकेत मिलता है। इस दावे ने बहस को जन्म दिया है, और कुछ लोग इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहे हैं।
अभी तक मंदिर के अधिकारियों या स्थानीय प्रशासन से इस प्रस्तावित परिवर्तन की पुष्टि या अस्वीकृति के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस अनिश्चितता ने कई तीर्थयात्रियों को आगामी सावन के लिए सही प्रक्रिया के बारे में अनिश्चित बना दिया है।
इस बहस का परिणाम उन हजारों भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है जो हर वर्ष देवघर आते हैं। यह स्पष्टता कि अरघा को स्थायी रूप से रखा जाएगा या पारंपरिक प्रथा पर लौटाया जाएगा, भविष्य के तीर्थयात्रियों के अनुभव को आकार देगी।
हाल ही में भक्तों और स्थानीय पर्यवेक्षकों के बीच यह चर्चा चल रही है कि अरघा को हर बार हटाने के बाद स्थायी रूप से रखा जा सकता है, जिससे एक स्थायी व्यवस्था का संकेत मिलता है। इस दावे ने बहस को जन्म दिया है, और कुछ लोग इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहे हैं।
अभी तक मंदिर के अधिकारियों या स्थानीय प्रशासन से इस प्रस्तावित परिवर्तन की पुष्टि या अस्वीकृति के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस अनिश्चितता ने कई तीर्थयात्रियों को आगामी सावन के लिए सही प्रक्रिया के बारे में अनिश्चित बना दिया है।
इस बहस का परिणाम उन हजारों भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है जो हर वर्ष देवघर आते हैं। यह स्पष्टता कि अरघा को स्थायी रूप से रखा जाएगा या पारंपरिक प्रथा पर लौटाया जाएगा, भविष्य के तीर्थयात्रियों के अनुभव को आकार देगी।