📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Calistemon
मौसम
भारतीय शहरों में भारी बारिश और गर्मी के बाद बाढ़ क्यों आती है, विशेषज्ञों का विश्लेषण
✍️ The Indian Express
🗓 22 अग. 2026, 10:51 PM
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विशेषज्ञों का मानना है कि तेज़ शहरीकरण, खराब जल निकासी और बढ़ते तापमान के कारण भारतीय शहरों में बाढ़ और गर्मी की समस्या बढ़ रही है।
शहरी नियोजन विशेषज्ञ और जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि तीव्र मानसून की वर्षा और बढ़ते गर्मी के तापमान का मिलाजुला प्रभाव शहरों की बुनियादी ढाँचे पर दबाव डाल रहा है। तेज़ शहरीकरण से प्राकृतिक जल निकासी कम हो गई है, जबकि कई नगर निगमों की जल निकासी प्रणाली पुरानी और अपर्याप्त है, जिससे भारी बारिश के समय जलभराव हो रहा है।
विशेषज्ञों ने हीट आइलैंड प्रभाव की ओर भी इशारा किया, जहाँ कंक्रीट और अस्फाल्ट गर्मी को सोख कर वातावरण के तापमान को बढ़ाते हैं, जिससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। उच्च तापमान वायुमंडल की नमी धारण क्षमता बढ़ाता है, जिससे तेज़ वर्षा होती है और जाम‑जाम नालियों को पार कर देती है।
शोधकर्ताओं का सामूहिक मत है कि जल निकासी नेटवर्क को आधुनिक बनाना, ज़ोनिंग नियमों को कड़ा करना और हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देना शहरों में बाढ़ और गर्मी दोनों को कम कर सकता है। नीति निर्माताओं से अनुरोध है कि वे जलवायु‑सहनीय शहरी डिज़ाइन अपनाएँ ताकि नागरिकों को बार‑बार होने वाले जल‑संबंधी आपदाओं से बचाया जा सके।
विशेषज्ञों ने हीट आइलैंड प्रभाव की ओर भी इशारा किया, जहाँ कंक्रीट और अस्फाल्ट गर्मी को सोख कर वातावरण के तापमान को बढ़ाते हैं, जिससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। उच्च तापमान वायुमंडल की नमी धारण क्षमता बढ़ाता है, जिससे तेज़ वर्षा होती है और जाम‑जाम नालियों को पार कर देती है।
शोधकर्ताओं का सामूहिक मत है कि जल निकासी नेटवर्क को आधुनिक बनाना, ज़ोनिंग नियमों को कड़ा करना और हरित क्षेत्रों को बढ़ावा देना शहरों में बाढ़ और गर्मी दोनों को कम कर सकता है। नीति निर्माताओं से अनुरोध है कि वे जलवायु‑सहनीय शहरी डिज़ाइन अपनाएँ ताकि नागरिकों को बार‑बार होने वाले जल‑संबंधी आपदाओं से बचाया जा सके।