📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
शिक्षा
पश्चिम बंगाल ने 250 निजी मदरसे बंद, कम दाखिला और ख़राब इन्फ्रास्ट्रक्चर
✍️ India Today
🗓 24 सित. 2026, 01:37 PM
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पश्चिम बंगाल सरकार ने कम छात्रसंख्या और ख़राब सुविधाओं के कारण 250 निजी मदरसे बंद करने की घोषणा की।
कोलकाता, 24 सितंबर — पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में 250 निजी मदरसे बंद करने का आदेश दिया है। एक सर्वेक्षण के बाद पता चला कि इन संस्थानों में छात्र संख्या लगातार कम है और बुनियादी सुरक्षा व शैक्षिक मानकों को पूरा नहीं करने वाली इन्फ्रास्ट्रक्चर है।
यह कदम राज्य के शैक्षिक तंत्र को सुदृढ़ करने और सभी स्कूलों, जिसमें धार्मिक संस्थान भी शामिल हैं, को न्यूनतम गुणवत्ता प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों ने प्रभावित मदरसे को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया है, जिसके बाद उन्हें निर्धारित समय सीमा में बंद होना पड़ेगा।
समुदाय के नेताओं और मदरसा प्रबंधकों को छात्रों के लिए वैकल्पिक विकल्प तलाशने की सलाह दी गई है, जैसे कि सरकारी स्कूलों या मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में दाखिला।
इस निर्णय पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं; कुछ इसे शैक्षिक परिणाम सुधारने के आवश्यक कदम के रूप में देखते हैं, जबकि अन्य चेतावनी देते हैं कि अचानक बंद होने से उन हजारों बच्चों की पढ़ाई बाधित हो सकती है जो इन स्कूलों पर निर्भर हैं।
यह कदम राज्य के शैक्षिक तंत्र को सुदृढ़ करने और सभी स्कूलों, जिसमें धार्मिक संस्थान भी शामिल हैं, को न्यूनतम गुणवत्ता प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों ने प्रभावित मदरसे को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया है, जिसके बाद उन्हें निर्धारित समय सीमा में बंद होना पड़ेगा।
समुदाय के नेताओं और मदरसा प्रबंधकों को छात्रों के लिए वैकल्पिक विकल्प तलाशने की सलाह दी गई है, जैसे कि सरकारी स्कूलों या मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में दाखिला।
इस निर्णय पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं; कुछ इसे शैक्षिक परिणाम सुधारने के आवश्यक कदम के रूप में देखते हैं, जबकि अन्य चेतावनी देते हैं कि अचानक बंद होने से उन हजारों बच्चों की पढ़ाई बाधित हो सकती है जो इन स्कूलों पर निर्भर हैं।