📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
शिक्षा
सुवेन्दु अधिकारी ने कहा, पश्चिम बंगाल में सरकारी शिक्षकों को राजनीति से दूर रखा जाएगा
✍️ The Indian Express
🗓 29 अक्टू. 2026, 11:01 AM
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राज्य मंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने कहा, पश्चिम बंगाल के सरकारी शिक्षकों को राजनीति में भाग लेने से रोका जाएगा, जिससे शैक्षणिक प्रणाली निष्पक्ष रहेगी।
पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने बताया कि राज्य द्वारा नियोजित सभी शिक्षकों को राजनीति में भाग लेने से रोका जाएगा। यह कदम सार्वजनिक शिक्षा को निष्पक्ष रखने और शिक्षक‑पार्टी संबंधों से उत्पन्न संभावित हित‑संघर्षों से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है।
घोषणा के अनुसार, यह नियम राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और कॉलेजों पर लागू होगा। अधिकारियों ने कहा है कि कुछ हफ्तों में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे, जिसमें प्रतिबंध की सीमा, निगरानी प्रक्रिया और उल्लंघन पर दंड का विवरण होगा। यह नीति शिक्षकों के व्यक्तिगत मतदान अधिकार को नहीं छेड़ेगी, परन्तु सेवा में रहते हुए पार्टी मीटिंग, रैलियों या चुनावी अभियान में सक्रिय भागीदारी पर रोक लगेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि शिक्षक की राजनीतिक तटस्थता से शैक्षणिक माहौल अधिक केंद्रित बनता है। वहीं विरोधी दलों ने चेतावनी दी है कि इस उपाय का दुरुपयोग कर सरकारी कर्मचारियों की लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया जा सकता है। सरकार ने कहा है कि नियम को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से लागू किया जाएगा।
घोषणा के अनुसार, यह नियम राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और कॉलेजों पर लागू होगा। अधिकारियों ने कहा है कि कुछ हफ्तों में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे, जिसमें प्रतिबंध की सीमा, निगरानी प्रक्रिया और उल्लंघन पर दंड का विवरण होगा। यह नीति शिक्षकों के व्यक्तिगत मतदान अधिकार को नहीं छेड़ेगी, परन्तु सेवा में रहते हुए पार्टी मीटिंग, रैलियों या चुनावी अभियान में सक्रिय भागीदारी पर रोक लगेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि शिक्षक की राजनीतिक तटस्थता से शैक्षणिक माहौल अधिक केंद्रित बनता है। वहीं विरोधी दलों ने चेतावनी दी है कि इस उपाय का दुरुपयोग कर सरकारी कर्मचारियों की लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया जा सकता है। सरकार ने कहा है कि नियम को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से लागू किया जाएगा।