📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
अपराध
पश्चिम बंगाल पुलिस ने किडनी तस्करी में बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया, दर तालिका बरामद
✍️ The Statesman
🗓 31 अग. 2026, 03:17 AM
👁 8
पश्चिम बंगाल पुलिस ने किडनी तस्करी में संलिप्त बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया और अंगों के भुगतान दरों की तालिका बरामद की।
पश्चिम बंगाल की पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया, जिसे किडनी तस्करी के अंतरराष्ट्रीय जाल में प्रमुख भूमिका निभाते हुए पहचाना गया है। जांचकर्ताओं ने उसे कई अवैध अंग प्रत्यारोपण ऑपरेशनों से जोड़ा, जो राज्य के कमजोर रोगियों को लक्षित करते थे।
जांच के दौरान अधिकारियों ने एक हस्तलिखित "दर तालिका" बरामद की, जिसमें विभिन्न आयु और स्वास्थ्य स्थितियों के किडनी के लिए भुगतान की राशि दर्शाई गई थी। यह दस्तावेज़ अपराधियों द्वारा अपनाई गई मूल्य निर्धारण प्रणाली को उजागर करता है और साक्ष्य के रूप में उपयोग होगा।
पुलिस ने बताया कि इस बरामदगी से अंग तस्करी नेटवर्क की वित्तीय संरचना का पता चलता है, जिससे अभियोजन पक्ष को आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ मजबूत मामला तैयार करने में मदद मिलेगी। जांच अभी जारी है और संभावित अन्य अवैध प्रत्यारोपण दलों के साथ संबंधों की जाँच की जा रही है।
पश्चिम बंगाल क्राइम ब्रांच ने जनता से अनुरोध किया है कि वे अंग दान से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें और यह याद दिलाया है कि मानव अंग व्यापार को ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स एंड टिश्यूज एक्ट के तहत दंडनीय अपराध माना गया है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने एक हस्तलिखित "दर तालिका" बरामद की, जिसमें विभिन्न आयु और स्वास्थ्य स्थितियों के किडनी के लिए भुगतान की राशि दर्शाई गई थी। यह दस्तावेज़ अपराधियों द्वारा अपनाई गई मूल्य निर्धारण प्रणाली को उजागर करता है और साक्ष्य के रूप में उपयोग होगा।
पुलिस ने बताया कि इस बरामदगी से अंग तस्करी नेटवर्क की वित्तीय संरचना का पता चलता है, जिससे अभियोजन पक्ष को आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ मजबूत मामला तैयार करने में मदद मिलेगी। जांच अभी जारी है और संभावित अन्य अवैध प्रत्यारोपण दलों के साथ संबंधों की जाँच की जा रही है।
पश्चिम बंगाल क्राइम ब्रांच ने जनता से अनुरोध किया है कि वे अंग दान से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें और यह याद दिलाया है कि मानव अंग व्यापार को ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स एंड टिश्यूज एक्ट के तहत दंडनीय अपराध माना गया है।