📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Petroleum and Natural Gas
राजनीति
पश्चिम बंगाल की सीएम ने दुर्गा पूजा में मांस‑मुक्त मांग करने वाले गॉडमैन का बचाव किया
✍️ The Hindu
🗓 11 सित. 2026, 12:33 PM
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गा पूजा में मांस न खाने की मांग करने वाले गॉडमैन का समर्थन किया, जिससे धार्मिक स्वतंत्रता और आहार पर चर्चा छिड़ गई।
कोलकाता, ११ सितंबर (द हिन्दू) – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में दुर्गा पूजा के दौरान मांस न खाने की सलाह देने वाले एक स्व-घोषित गॉडमैन का समर्थन किया। एक संक्षिप्त प्रेस मीटिंग में उन्होंने कहा कि गॉडमन की व्यक्तिगत आहार सलाह को राजनीति में नहीं लाया जाना चाहिए और इच्छुक लोग इसे अपना सकते हैं।
उस गॉडमन ने पूजा के नौ दिन के दौरान भक्तों को मांस‑मुक्त आहार अपनाने का आग्रह किया, जिसे कुछ लोग आध्यात्मिक अनुशासन मानते हैं, जबकि अन्य पारंपरिक व्यंजनों जैसे कोषा मांस में मांस की भूमिका को लेकर इसे हस्तक्षेप मानते हैं।
मुख्यमंत्री के इस बचाव को विपक्षी दलों ने आलोचना की, कहकर कि वे एक अल्पसंख्यक धार्मिक व्यक्तित्व को मान्यता दे रही हैं और राज्य की शक्ति को व्यक्तिगत विश्वास से मिलाने की कोशिश कर रही हैं। आलोचकों ने यह भी चेतावनी दी कि इससे राज्य में विविध धार्मिक प्रथाओं के बीच तनाव बढ़ सकता है।
गॉडमन के समर्थकों ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की, इसे विश्वास के मामलों में व्यक्तिगत चुनाव की पुष्टि माना। उनका मानना है कि सरकार का काम केवल पूजा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना है, न कि व्यक्तिगत आहार को नियंत्रित करना।
यह घटना पश्चिम बंगाल में धर्म और राजनीति के बीच के संबंधों पर चल रही बहस में एक नया मोड़ जोड़ती है, क्योंकि राज्य दुर्गा पूजा के अंतिम दिनों की तैयारी कर रहा है, जो बड़े सार्वजनिक समारोहों और सांस्कृतिक संवेदनशीलताओं से भरपूर है।
उस गॉडमन ने पूजा के नौ दिन के दौरान भक्तों को मांस‑मुक्त आहार अपनाने का आग्रह किया, जिसे कुछ लोग आध्यात्मिक अनुशासन मानते हैं, जबकि अन्य पारंपरिक व्यंजनों जैसे कोषा मांस में मांस की भूमिका को लेकर इसे हस्तक्षेप मानते हैं।
मुख्यमंत्री के इस बचाव को विपक्षी दलों ने आलोचना की, कहकर कि वे एक अल्पसंख्यक धार्मिक व्यक्तित्व को मान्यता दे रही हैं और राज्य की शक्ति को व्यक्तिगत विश्वास से मिलाने की कोशिश कर रही हैं। आलोचकों ने यह भी चेतावनी दी कि इससे राज्य में विविध धार्मिक प्रथाओं के बीच तनाव बढ़ सकता है।
गॉडमन के समर्थकों ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना की, इसे विश्वास के मामलों में व्यक्तिगत चुनाव की पुष्टि माना। उनका मानना है कि सरकार का काम केवल पूजा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करना है, न कि व्यक्तिगत आहार को नियंत्रित करना।
यह घटना पश्चिम बंगाल में धर्म और राजनीति के बीच के संबंधों पर चल रही बहस में एक नया मोड़ जोड़ती है, क्योंकि राज्य दुर्गा पूजा के अंतिम दिनों की तैयारी कर रहा है, जो बड़े सार्वजनिक समारोहों और सांस्कृतिक संवेदनशीलताओं से भरपूर है।