📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
राजनीति
पश्चिम बंगाल के सीईओ ने 38 लाख लंबित मामलों के विवाद के बीच मतदाता नामांकन अभियान शुरू किया
✍️ The New Indian Express
🗓 13 अक्टू. 2026, 04:16 AM
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पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 38 लाख लंबित मामलों के विवाद के बीच नया मतदाता नामांकन अभियान शुरू किया।
कोलकाता, पश्चिम बंगाल – राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को अद्यतन करने के उद्देश्य से नया मतदाता नामांकन अभियान औपचारिक रूप से शुरू किया। इस समारोह में सीईओ कार्यालय में वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों ने पंजीकरण की समय‑सीमा और प्रक्रिया बताई।
यह अभियान उन योग्य नागरिकों को सूची में शामिल करने और मौजूदा प्रविष्टियों को सुधारने का लक्ष्य रखता है, जिसके लिए मोबाइल पंजीकरण वाहन, ऑनलाइन पोर्टल और जिलों में निर्धारित केंद्रों का उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों ने निष्पक्ष मतदान के लिए पूर्ण सूची के महत्व पर बल दिया।
यह पहल लगभग 38 लाख लंबित चुनाव‑संबंधी मामलों के विवाद के बीच शुरू हुई है, जिस पर विरोधी दल और नागरिक समूहों ने देरी का आरोप लगाया है। सीईओ ने कहा कि नामांकन अभियान एक अलग प्रशासनिक कार्य है और इसे बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया जाएगा।
चुनाव अधिकारियों ने तीन महीने की अवधि निर्धारित की है और नागरिकों से आधिकारिक वेबसाइट या निकटवर्ती बूथों के माध्यम से पंजीकरण करने का आग्रह किया है। सीईओ ने युवा और प्रथम बार पंजीकरण करने वाले मतदाताओं से सरल प्रक्रिया का लाभ उठाने को कहा।
सफल होने पर यह अभियान लाखों नए नामों को सूची में जोड़ सकता है, जिससे पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों में मतदाता संरचना में संभावित बदलाव आ सकता है।
यह अभियान उन योग्य नागरिकों को सूची में शामिल करने और मौजूदा प्रविष्टियों को सुधारने का लक्ष्य रखता है, जिसके लिए मोबाइल पंजीकरण वाहन, ऑनलाइन पोर्टल और जिलों में निर्धारित केंद्रों का उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों ने निष्पक्ष मतदान के लिए पूर्ण सूची के महत्व पर बल दिया।
यह पहल लगभग 38 लाख लंबित चुनाव‑संबंधी मामलों के विवाद के बीच शुरू हुई है, जिस पर विरोधी दल और नागरिक समूहों ने देरी का आरोप लगाया है। सीईओ ने कहा कि नामांकन अभियान एक अलग प्रशासनिक कार्य है और इसे बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया जाएगा।
चुनाव अधिकारियों ने तीन महीने की अवधि निर्धारित की है और नागरिकों से आधिकारिक वेबसाइट या निकटवर्ती बूथों के माध्यम से पंजीकरण करने का आग्रह किया है। सीईओ ने युवा और प्रथम बार पंजीकरण करने वाले मतदाताओं से सरल प्रक्रिया का लाभ उठाने को कहा।
सफल होने पर यह अभियान लाखों नए नामों को सूची में जोड़ सकता है, जिससे पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों में मतदाता संरचना में संभावित बदलाव आ सकता है।