📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nisma Farooq
मौसम
कमजोर मानसून से पंजाब की बिजली मांग 16,000 MW से ऊपर, चार थर्मल यूनिट बंद
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 28 अग. 2026, 10:17 AM
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कमजोर मानसून के कारण पंजाब में बिजली की मांग 16,000 MW से ऊपर चली गई है, जबकि चार थर्मल यूनिट बंद रहने से आपूर्ति में कमी आई है।
विलंबित मानसून ने पंजाब को उमस भरी गर्मी में डुबो दिया है, जिससे बिजली की खपत में तेज़ी से वृद्धि हुई है। घरों और व्यवसायों में एसी व अन्य ठंडक उपकरणों के उपयोग में इजाफा होने से राज्य के ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है।
पंजाब ऊर्जा विभाग ने बताया कि कुल मांग अब 16,000 मेगावॉट से ऊपर चली गई है, जो पिछले कई मौसमों में नहीं देखी गई थी। इस बीच चार प्रमुख थर्मल यूनिट रखरखाव के कारण बंद हैं, जिससे उपलब्ध उत्पादन क्षमता घट गई है और आपूर्ति‑मांग में असंतुलन पैदा हुआ है।
पंजाब पावर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं से गैर‑आवश्यक उपयोग कम करने की अपील की है और पड़ोसी राज्यों से अतिरिक्त बिजली आयात करने की तैयारी कर रहा है। भाकरा डैम से अतिरिक्त जल मुक्त कर जलविद्युत उत्पादन बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून कमजोर बना रहा और तापमान उच्च रहा, तो अगले हफ्तों में क्रमिक ब्लैकआउट की संभावना है, जब तक अतिरिक्त जनरेटिंग यूनिट चालू नहीं की जाती या मांग‑प्रबंधन के कड़े उपाय लागू नहीं होते।
पंजाब ऊर्जा विभाग ने बताया कि कुल मांग अब 16,000 मेगावॉट से ऊपर चली गई है, जो पिछले कई मौसमों में नहीं देखी गई थी। इस बीच चार प्रमुख थर्मल यूनिट रखरखाव के कारण बंद हैं, जिससे उपलब्ध उत्पादन क्षमता घट गई है और आपूर्ति‑मांग में असंतुलन पैदा हुआ है।
पंजाब पावर कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं से गैर‑आवश्यक उपयोग कम करने की अपील की है और पड़ोसी राज्यों से अतिरिक्त बिजली आयात करने की तैयारी कर रहा है। भाकरा डैम से अतिरिक्त जल मुक्त कर जलविद्युत उत्पादन बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून कमजोर बना रहा और तापमान उच्च रहा, तो अगले हफ्तों में क्रमिक ब्लैकआउट की संभावना है, जब तक अतिरिक्त जनरेटिंग यूनिट चालू नहीं की जाती या मांग‑प्रबंधन के कड़े उपाय लागू नहीं होते।