📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Saad Ali Khan Pakistan
राजनीति
पानी और चंडीगढ़ की राजधानी पर विवाद ने पंजाब चुनावी माहौल गरमाया
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 06 नव. 2026, 10:31 AM
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पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले, दल पानी के वितरण और चंडीगढ़ की राजधानी के दर्जे को लेकर संघर्ष तेज कर रहे हैं।
पंजाब में विधानसभा चुनाव के निकट आते ही राजनीतिक दल पानी के वितरण और चंडीगढ़ की राजधानी के दर्जे को लेकर तीव्र बहस कर रहे हैं।
सतलुज‑यमुना लिंक (एसवाईएल) विवाद फिर से मंच पर आया है, जहाँ नेताओं ने केंद्र सरकार को पंजाब के अधिकारों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है, जबकि विपक्ष ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने का वादा किया है।
साथ ही चंडीगढ़ को पंजाब की पूरी राजधानी बनाने या प्रशासनिक नियंत्रण बदलने की मांग भी चुनावी रणनीति का हिस्सा बन गई है, और पार्टियों ने पंजाब के दावे को बचाने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये दो मुद्दे ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ सिंचाई पर निर्भरता अधिक है और शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर मतदाता के निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।
चुनाव आयोग ने 2025 की शुरुआत में मतदान निर्धारित किया है, और आने वाले हफ्तों में रैलियों में पानी‑और‑राजधानी का मुद्दा प्रमुख रूप से सुना जाएगा।
सतलुज‑यमुना लिंक (एसवाईएल) विवाद फिर से मंच पर आया है, जहाँ नेताओं ने केंद्र सरकार को पंजाब के अधिकारों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है, जबकि विपक्ष ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने का वादा किया है।
साथ ही चंडीगढ़ को पंजाब की पूरी राजधानी बनाने या प्रशासनिक नियंत्रण बदलने की मांग भी चुनावी रणनीति का हिस्सा बन गई है, और पार्टियों ने पंजाब के दावे को बचाने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये दो मुद्दे ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ सिंचाई पर निर्भरता अधिक है और शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर मतदाता के निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।
चुनाव आयोग ने 2025 की शुरुआत में मतदान निर्धारित किया है, और आने वाले हफ्तों में रैलियों में पानी‑और‑राजधानी का मुद्दा प्रमुख रूप से सुना जाएगा।