📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
कृषि
वांगसु ने अरुणाचल प्रदेश के कृषि विकास के लिए आईसीएआर से बढ़ी हुई सहायता की माँग की
✍️ The Arunachal Times
🗓 19 अग. 2026, 04:36 AM
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टेक कंपनी वांगसु ने अरुणाचल प्रदेश में कृषि पहलों को सुदृढ़ करने हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से अधिक सहयोग की मांग की है।
वांगसु, एक तकनीकी समाधान प्रदाता, ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से अरुणाचल प्रदेश में कृषि परियोजनाओं के लिए समर्थन बढ़ाने का औपचारिक अनुरोध किया है। कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वह राज्य की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति के अनुरूप अनुसंधान, बीज वितरण और क्षमता‑निर्माण कार्यक्रमों में सहयोग करना चाहती है।
आईसीएआर, भारत की कृषि अनुसंधान की प्रमुख संस्था, क्षेत्र‑विशिष्ट तकनीकों के विकास के लिए कई संस्थानों का संचालन करती है। अरुणाचल में इसकी भागीदारी को सुदृढ़ करने से किसानों की कम उत्पादकता, सीमित बाजार पहुंच और जलवायु जोखिम जैसी चुनौतियों का समाधान हो सकता है।
वांगसु ने बताया कि बढ़ा हुआ आईसीएआर सहयोग उच्च मूल्य वाले फसलों, डिजिटल खेती उपकरणों और किसान प्रशिक्षण मॉड्यूल पर संयुक्त पायलट कार्यों को संभव बनाएगा। अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, पर दोनों पक्ष आगामी महीनों में विस्तृत सहयोग ढाँचे की खोज करने के लिए तैयार हैं।
यदि यह साझेदारी साकार होती है, तो यह भारत के उत्तर‑पूर्व में निजी‑सार्वजनिक सहयोग का एक मॉडल स्थापित कर सकती है, जिससे क्षेत्र के कृषि विविधीकरण और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
आईसीएआर, भारत की कृषि अनुसंधान की प्रमुख संस्था, क्षेत्र‑विशिष्ट तकनीकों के विकास के लिए कई संस्थानों का संचालन करती है। अरुणाचल में इसकी भागीदारी को सुदृढ़ करने से किसानों की कम उत्पादकता, सीमित बाजार पहुंच और जलवायु जोखिम जैसी चुनौतियों का समाधान हो सकता है।
वांगसु ने बताया कि बढ़ा हुआ आईसीएआर सहयोग उच्च मूल्य वाले फसलों, डिजिटल खेती उपकरणों और किसान प्रशिक्षण मॉड्यूल पर संयुक्त पायलट कार्यों को संभव बनाएगा। अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, पर दोनों पक्ष आगामी महीनों में विस्तृत सहयोग ढाँचे की खोज करने के लिए तैयार हैं।
यदि यह साझेदारी साकार होती है, तो यह भारत के उत्तर‑पूर्व में निजी‑सार्वजनिक सहयोग का एक मॉडल स्थापित कर सकती है, जिससे क्षेत्र के कृषि विविधीकरण और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।