📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kalyan Chakravarthy
खेल
वी.वी.एस. लक्ष्मण ने कहा, 'कोई भी खिलाड़ी सिर्फ अनुबंधित नहीं, कोर ऑफ एक्सीलेंस सभी के लिए होना चाहिए'
✍️ The Times of India
🗓 30 अग. 2026, 10:37 AM
👁 31
पूर्व भारतीय कप्तान वी.वी.एस. लक्ष्मण ने कहा कि कोर ऑफ एक्सीलेंस को सिर्फ अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि सभी उभरते क्रिकेटरों के लिए खुला होना चाहिए, जिससे भारत की क्रिकेट विकास पाइपलाइन मजबूत हो।
पूर्व भारतीय कप्तान वी.वी.एस. लक्ष्मण ने हाल ही में एक राष्ट्रीय खेल समाचार पत्र के साथ साक्षात्कार में कोर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की वर्तमान संरचना पर अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। उन्होंने तर्क दिया कि केवल अनुबंधित खिलाड़ियों तक सीमित रहने से प्रतिभा पूल सीमित हो जाता है और भारत के क्रिकेट विकास में बाधा आती है।
लक्ष्मण ने बताया कि CoE को सभी उभरते क्रिकेटरों के लिए खोलने से शुरुआती स्तर पर ही प्रतिभा की पहचान संभव होगी और उन्हें विश्व‑स्तरीय कोचिंग और सुविधाएँ मिलेंगी। उनका मानना है कि वर्तमान में केवल अनुबंधित खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित करने के कारण कई संभावित खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) से नीतियों की समीक्षा करने और CoE तक पहुँच को व्यापक बनाने का आग्रह किया। लक्ष्मण ने जोर दिया कि एक अधिक समावेशी दृष्टिकोण देश की क्रिकेट पाइपलाइन को मजबूत करेगा और राष्ट्रीय टीम के लिए कुशल खिलाड़ियों का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करेगा।
इन टिप्पणियों के बीच भारत अपनी ग्रासरूट क्रिकेट संरचना को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रख सके।
लक्ष्मण ने बताया कि CoE को सभी उभरते क्रिकेटरों के लिए खोलने से शुरुआती स्तर पर ही प्रतिभा की पहचान संभव होगी और उन्हें विश्व‑स्तरीय कोचिंग और सुविधाएँ मिलेंगी। उनका मानना है कि वर्तमान में केवल अनुबंधित खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित करने के कारण कई संभावित खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) से नीतियों की समीक्षा करने और CoE तक पहुँच को व्यापक बनाने का आग्रह किया। लक्ष्मण ने जोर दिया कि एक अधिक समावेशी दृष्टिकोण देश की क्रिकेट पाइपलाइन को मजबूत करेगा और राष्ट्रीय टीम के लिए कुशल खिलाड़ियों का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करेगा।
इन टिप्पणियों के बीच भारत अपनी ग्रासरूट क्रिकेट संरचना को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रख सके।