📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This photograph was taken with a Canon EOS REBEL
मनोरंजन
विवेक ओबेरॉय ने कहा, बॉलीवुड की ताकतवर लॉबी ने उन्हें 'रियल हेल' में डाल दिया
✍️ The Indian Express
🗓 07 नव. 2026, 07:38 AM
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अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने कहा कि बॉलीवुड की एक ताकतवर लॉबी ने उन्हें बाहर कर दिया, जिससे वह 'रियल हेल' में फँस गए।
बॉलीवुड के अनुभवी अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने खुलकर कहा कि फिल्म उद्योग की एक ताकतवर लॉबी ने उन्हें बाहर कर दिया, और यह अनुभव उन्हें "रियल हेल" जैसा लगा। भारतीय एक्सप्रेस ने इस बात को रिपोर्ट किया है, जिसमें ओबेरॉय ने इस तरह की अलग‑थलग स्थिति को अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन पर असर डालने वाला बताया।
अभिनेता ने किसी विशेष व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं लिया, पर उनका बयान इस बात को उजागर करता है कि कैसे प्रभावशाली समूह फिल्मी कास्टिंग और प्रोजेक्ट अनुमोदन को नियंत्रित करते हैं। "कंपनी" और "साहब, बीवी और गैंगस्टर" जैसी फिल्मों में अपनी पहचान बनाने वाले ओबेरॉय ने कहा कि इस तरह की बहिष्कृति ने उनके करियर को बाधित किया है।
उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान दुर्लभ होते हैं, फिर भी यह बॉलीवुड में पारदर्शिता और निष्पक्षता के मुद्दे को सामने लाते हैं। ओबेरॉय की टिप्पणी से यह चर्चा तेज़ हो सकती है कि अनौपचारिक नेटवर्क कैसे कलाकारों के भविष्य को प्रभावित करते हैं।
अब तक किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या उस लॉबी या फिल्म संस्थाओं की ओर से कोई टिप्पणी नहीं मिली है। इस बयान ने भारतीय मनोरंजन क्षेत्र में अधिक समानता और न्यायसंगत प्रथाओं की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।
अभिनेता ने किसी विशेष व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं लिया, पर उनका बयान इस बात को उजागर करता है कि कैसे प्रभावशाली समूह फिल्मी कास्टिंग और प्रोजेक्ट अनुमोदन को नियंत्रित करते हैं। "कंपनी" और "साहब, बीवी और गैंगस्टर" जैसी फिल्मों में अपनी पहचान बनाने वाले ओबेरॉय ने कहा कि इस तरह की बहिष्कृति ने उनके करियर को बाधित किया है।
उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान दुर्लभ होते हैं, फिर भी यह बॉलीवुड में पारदर्शिता और निष्पक्षता के मुद्दे को सामने लाते हैं। ओबेरॉय की टिप्पणी से यह चर्चा तेज़ हो सकती है कि अनौपचारिक नेटवर्क कैसे कलाकारों के भविष्य को प्रभावित करते हैं।
अब तक किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या उस लॉबी या फिल्म संस्थाओं की ओर से कोई टिप्पणी नहीं मिली है। इस बयान ने भारतीय मनोरंजन क्षेत्र में अधिक समानता और न्यायसंगत प्रथाओं की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।