📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
देश
विद्युत सखियां: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कैसे हो रहीं आर्थिक रूप से सशक्त
✍️ The Times of India
🗓 19 सित. 2026, 12:48 AM
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उत्तर प्रदेश में विद्युत सखी पहल ग्रामीण महिलाओं को बिजली सेवाओं के प्रबंधन के जरिए आजीविका कमाने का अवसर दे रही है, जो सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उत्तर प्रदेश के गांवों में विद्युत सखियों के रूप में जानी जाने वाली महिलाओं का एक बढ़ता नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल रहा है। इन महिलाओं को अपने समुदाय में बिजली से जुड़े कार्यों को संभालने के लिए प्रशिक्षित और जुड़ाया जा रहा है, जिससे स्थानीय रोजगार का एक नया रास्ता खुल रहा है।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को बिजली सेवाओं के प्रबंधन के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने पर केंद्रित है, जिससे पुरुष-प्रधान तकनीकी भूमिकाओं पर निर्भरता कम हो रही है। इस मॉडल में हिस्सा लेकर महिलाएं न केवल नियमित आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपने गांवों में सामाजिक मान्यता भी प्राप्त कर रही हैं।
कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह जमीनी स्तर पर सशक्तिकरण का एक व्यावहारिक तरीका है। विद्युत सखियां बिजली विभाग और ग्रामीण परिवारों के बीच एक पुल का काम करती हैं, जिससे सेवा वितरण बेहतर होता है और महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता मजबूत होती है।
यह मॉडल गांव स्तर पर महिलाओं को औपचारिक ऊर्जा कार्यबल में लाने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है। जैसे-जैसे अधिक महिलाएं इस पहल में शामिल हो रही हैं, यह धीरे-धीरे ग्रामीण बुनियादी ढांचे और उपयोगिता प्रबंधन में महिलाओं की भूमिकाओं को लेकर धारणाओं को नया रूप दे रहा है।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को बिजली सेवाओं के प्रबंधन के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने पर केंद्रित है, जिससे पुरुष-प्रधान तकनीकी भूमिकाओं पर निर्भरता कम हो रही है। इस मॉडल में हिस्सा लेकर महिलाएं न केवल नियमित आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपने गांवों में सामाजिक मान्यता भी प्राप्त कर रही हैं।
कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह जमीनी स्तर पर सशक्तिकरण का एक व्यावहारिक तरीका है। विद्युत सखियां बिजली विभाग और ग्रामीण परिवारों के बीच एक पुल का काम करती हैं, जिससे सेवा वितरण बेहतर होता है और महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता मजबूत होती है।
यह मॉडल गांव स्तर पर महिलाओं को औपचारिक ऊर्जा कार्यबल में लाने के व्यापक प्रयास को दर्शाता है। जैसे-जैसे अधिक महिलाएं इस पहल में शामिल हो रही हैं, यह धीरे-धीरे ग्रामीण बुनियादी ढांचे और उपयोगिता प्रबंधन में महिलाओं की भूमिकाओं को लेकर धारणाओं को नया रूप दे रहा है।