📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jsuhzjakauajjaiqja
अपराध
बांका के मंदार पहाड़ पर महिला के साथ अभद्रता का वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज, तीन आरोपियों की तलाश
✍️ Amar Ujala · Bhagalpur
🗓 25 सित. 2026, 10:01 AM
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सामाजिक मीडिया पर 22 सितंबर को शेयर हुए वीडियो में मंदार पहाड़, बांका में महिला के साथ अभद्रता और धमकी के आरोप दिखे, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तीन आरोपियों की तलाश शुरू की।
3 जून 2026 को बिहार के बांका जिले के मंदार पहाड़ पर एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार, गाली‑गलौज और धमकी देने की घटना सामने आई। आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने महिला को नजदीक से परेशान किया और यह सब एक वीडियो में दर्ज हुआ।
वह वीडियो 22 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे बौंसी थाने ने तुरंत कांड संख्या 248/26 के तहत मामला दर्ज किया और एफआईआर दाखिल की।
पुलिस ने बताया कि वीडियो में दिखे तीन आरोपियों की पहचान हो गई है और अब उन्हें खोजने के लिए कार्रवाई तेज़ कर दी गई है। जांच जारी है और जनता से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
यह घटना हाल ही में जमुई में वायरल हुए समान वीडियो के बाद आई है, जिससे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर इस तरह की सामग्री के प्रसार को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। बिहार की पुलिस ने अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
कानून के तहत ऐसे कंटेंट को फैलाने या समर्थन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी सज़ा दी जाएगी।
वह वीडियो 22 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे बौंसी थाने ने तुरंत कांड संख्या 248/26 के तहत मामला दर्ज किया और एफआईआर दाखिल की।
पुलिस ने बताया कि वीडियो में दिखे तीन आरोपियों की पहचान हो गई है और अब उन्हें खोजने के लिए कार्रवाई तेज़ कर दी गई है। जांच जारी है और जनता से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
यह घटना हाल ही में जमुई में वायरल हुए समान वीडियो के बाद आई है, जिससे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर इस तरह की सामग्री के प्रसार को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। बिहार की पुलिस ने अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
कानून के तहत ऐसे कंटेंट को फैलाने या समर्थन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी सज़ा दी जाएगी।