📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / D. Myles Cullen
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उप राष्ट्रपति राधाकृष्णन करेंगे 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह का उद्घाटन, 22 सितंबर
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🗓 20 सित. 2026, 10:31 PM
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उप राष्ट्रपति राधाकृष्णन 22 सितंबर को 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे, जो जल प्रबंधन और नीति पर प्रमुख मंच होगा।
नई दिल्ली – भारत के उप राष्ट्रपति राधाकृष्णन 22 सितंबर को 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह का उद्घाटन करेंगे। यह समारोह जल सुरक्षा, सतत उपयोग और जलवायु‑सहनशील बुनियादी ढाँचे पर केंद्रित एक हफ्ते‑भर के सम्मेलन, कार्यशालाओं और प्रदर्शनों की श्रृंखला की शुरुआत करेगा।
भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह, अब नौवें संस्करण में, सरकारी अधिकारी, उद्योग के नेता, शोधकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को एकत्रित करता है ताकि देश में जल प्रबंधन की चुनौतियों और नवाचारों पर चर्चा की जा सके। आयोजकों को राज्य जल मंत्रालयों, अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों और निजी कंपनियों की भागीदारी की उम्मीद है।
यह आयोजन जल की कमी को दूर करने और मौसमी वर्षा से पहले संसाधन शासन को सुदृढ़ करने के लिए सरकार के बढ़ते जोर को दर्शाता है। अधिकारियों का मानना है कि संवाद और ज्ञान‑साझा सत्र नीति सुधार और निवेश योजनाओं को दिशा देंगे, जिससे राष्ट्रीय जल लचीलापन मजबूत होगा।
पिछले संस्करणों में जल शोधन, वर्षा जल संचयन और स्मार्ट सिंचाई जैसे क्षेत्रों में प्रगति को उजागर किया गया था। इस वर्ष का एजेंडा इन विषयों को आगे बढ़ाने के साथ‑साथ डिजिटल तकनीकों और सामुदायिक‑आधारित समाधान को भी प्रमुखता देगा।
भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह, अब नौवें संस्करण में, सरकारी अधिकारी, उद्योग के नेता, शोधकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को एकत्रित करता है ताकि देश में जल प्रबंधन की चुनौतियों और नवाचारों पर चर्चा की जा सके। आयोजकों को राज्य जल मंत्रालयों, अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों और निजी कंपनियों की भागीदारी की उम्मीद है।
यह आयोजन जल की कमी को दूर करने और मौसमी वर्षा से पहले संसाधन शासन को सुदृढ़ करने के लिए सरकार के बढ़ते जोर को दर्शाता है। अधिकारियों का मानना है कि संवाद और ज्ञान‑साझा सत्र नीति सुधार और निवेश योजनाओं को दिशा देंगे, जिससे राष्ट्रीय जल लचीलापन मजबूत होगा।
पिछले संस्करणों में जल शोधन, वर्षा जल संचयन और स्मार्ट सिंचाई जैसे क्षेत्रों में प्रगति को उजागर किया गया था। इस वर्ष का एजेंडा इन विषयों को आगे बढ़ाने के साथ‑साथ डिजिटल तकनीकों और सामुदायिक‑आधारित समाधान को भी प्रमुखता देगा।