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विदिशा की वैजंती सेन बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल, सिलाई से कमा रही हैं 15 हजार महीना
विदिशा जिले की लटेरी तहसील के ग्राम नेवली निवासी वैजंती सेन ने स्वयं सहायता समूह से मिले ब्याजमुक्त ऋण का उपयोग कर सेंट्रिंग सिलाई का व्यवसाय शुरू किया है। उनकी कड़ी मेहनत से आज वे प्रतिमाह 15 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
विदिशा। जिले की लटेरी तहसील के ग्राम नेवली निवासी श्रीमती वैजंती सेन आज महिला आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार का रास्ता अपनाया और सेंट्रिंग सिलाई कार्य को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बनाया है। आज वे इस कार्य से प्रतिमाह 15 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
श्रीमती वैजंती सेन गणेश स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार को विस्तार देने के लिए ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्राप्त हुई। उन्होंने उपलब्ध वित्तीय सहायता का सदुपयोग करते हुए अपने कार्य को आगे बढ़ाया। उन्हें प्रथम चरण में 1 लाख, द्वितीय चरण में 3 लाख तथा तृतीय चरण में 6 लाख का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उनका व्यवसाय और मजबूत हुआ।
वित्तीय सहयोग मिलने के बाद श्रीमती वैजंती सेन ने सेंट्रिंग सिलाई कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। उनके निरंतर परिश्रम और कार्य के प्रति समर्पण से आज यह काम उनकी नियमित आय का माध्यम बन चुका है। प्रतिमाह 15 हजार से अधिक की आय से वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग करने के साथ ही अपने जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया अध्याय जोड़ रही हैं।
श्रीमती सेन का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को आर्थिक सहयोग और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, जिससे वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनकी सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जो दिखाती है कि वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और निरंतर मेहनत से आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा जा सकता है।
श्रीमती वैजंती सेन गणेश स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार को विस्तार देने के लिए ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्राप्त हुई। उन्होंने उपलब्ध वित्तीय सहायता का सदुपयोग करते हुए अपने कार्य को आगे बढ़ाया। उन्हें प्रथम चरण में 1 लाख, द्वितीय चरण में 3 लाख तथा तृतीय चरण में 6 लाख का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उनका व्यवसाय और मजबूत हुआ।
वित्तीय सहयोग मिलने के बाद श्रीमती वैजंती सेन ने सेंट्रिंग सिलाई कार्य को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया। उनके निरंतर परिश्रम और कार्य के प्रति समर्पण से आज यह काम उनकी नियमित आय का माध्यम बन चुका है। प्रतिमाह 15 हजार से अधिक की आय से वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग करने के साथ ही अपने जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया अध्याय जोड़ रही हैं।
श्रीमती सेन का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को आर्थिक सहयोग और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, जिससे वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनकी सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जो दिखाती है कि वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और निरंतर मेहनत से आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा जा सकता है।