विदाई विवाद में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, जहर खाने से पीएमसीएच ले जाने के दौरान तोड़ा दम
Watch on:
📘 Facebook
अरवल संवाददाता,अरवल जिले के परासी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमरा चौकी में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शादी के महज कुछ ही महीनों बाद बशिष्ठ पासवान की नवविवाहिता पुत्री ममता कुमारी मायके आई थी जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाने से मौत हो गई।
अरवल संवाददाता,अरवल जिले के परासी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमरा चौकी में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शादी के महज कुछ ही महीनों बाद बशिष्ठ पासवान की नवविवाहिता पुत्री ममता कुमारी मायके आई थी जिसकी संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाने से मौत हो गई। घटना के बाद से मायके और ससुराल पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अमरा चौकी निवासी बशिष्ठ पासवान की पुत्री ममता कुमारी की शादी माह अप्रैल 2026 को गोह थाना क्षेत्र के घेजना गांव निवासी सुनील पासवान के पुत्र दीपक कुमार के साथ हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद 17 सितंबर 2026 को ममता अपने मायके अमरा चौकी आई हुई थी।दीपावली के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 7:30 बजे पति दीपक कुमार अपनी पत्नी की विदाई कराने ससुराल पहुंचा था। जैसे ही वह घर में प्रवेश कर रहा था, तभी विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि लड़की के पिता बशिष्ठ पासवान ने दामाद दीपक कुमार को दो थप्पड़ जड़ दिए और साफ कह दिया कि अभी विदाई नहीं होगा।विवाद बढ़ने पर मायके वालों द्वारा डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस के आने पर मृतका ममता कुमारी ने अपने पिता से कहा था कि पिताजी इनको जेल क्यों भिजवा रहे हैं अगर इन्हें जेल भिजवा दीजिएगा तो आप मेरा मुंह कभी नहीं देख पाएंगे।इसके बाद परासी पुलिस ने पति दीपक कुमार को हिरासत में लेकर परासी थाना ले आई।इसी आपाधापी और तनावपूर्ण माहौल के बीच ममता कुमारी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खा लिया।तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने आनन-फानन में ममता को इलाज के लिए सदर अस्पताल अरवल पहुंचाया गया।वहां चिकित्सकों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया हालांकि,अस्पताल से पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही ममता कुमारी की मौत हो गई।इसके बाद शव को वापस सदर अस्पताल अरवल लाया गया, जहां उसका पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।लड़का पक्ष का आरोप है कि ममता कुमारी की मौत के बाद पति दीपक कुमार और उनके परिजनों को मृतका का चेहरा तक नहीं देखने दिया गया और न ही उन्हें अंतिम संस्कार या दाह संस्कार में शामिल होने दिया गया।वहीं लड़की पक्ष का कहना है कि शादी के बाद से दहेज के लिए मेरी बेटी को मारपीट एवं पड़ताड़ना किया जाता था इसके चलते पुत्री मायके आई थी तीन माह की गर्भवती भी थी जब दिनांक 31/10/2026 को रात्री 10 बजे दामाद दीपक कुमार ससुराल आया और मेरी बेटी को ले जाने लगा तब मेरी बेटी ममता कुमारी ने कहा माता पिता सोन दियारा में हैं तब ग्रामीण मुझे सूचना दिया कि आपका दामाद आए हैं तब तुंरत सोन दियारा से ही 112 डॉयल पर फोन कर पुलिस को सूचना दिया इसके बाद घर आया तब मेरी बेटी ने घर खोला और कहा कि पति ने जोर जबरजस्ती जहर पीला दिया है अब हम नही बचेंगे हमें जल्दी ईलाज करवाइये।इस पूरी घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्या यह पारिवारिक कलह का नतीजा है, या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश है। लड़की पक्ष की जिद की घटना से आहत होकर विवाहिता ने यह कदम उठाया, या इसके पीछे ससुराल पक्ष की कोई प्रताड़ना थी ।फिलहाल इस पूरे मामले में लड़की पक्ष और लड़का पक्ष दोनों आमने-सामने हैं। पुलिस इस संवेदनशील मामले की गहनता से जांच कर रही है, जिसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस दुखद घटना का असली दोषी कौन है।