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विराट कोहली ने 55 शतकों को पीछे छोड़कर 43 रनों की पारी को बताया ODI करियर की बेस्ट इनिंग
अपने 38वें जन्मदिन पर विराट कोहली ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम में 2013 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 43 रनों की पारी को अपनी सर्वश्रेष्ठ वनडे पारी के रूप में चुना।
नई दिल्ली, 5 नवंबर: विराट कोहली ने अपने 38वें जन्मदिन पर प्रशंसकों को एक बड़ा सरप्राइज दिया है। वनडे क्रिकेट में 55 शतक लगाने वाले किंग कोहली ने अपनी सबसे बेहतरीन ODI पारी के रूप में किसी शतक को नहीं, बल्कि 2013 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 43 रनों की पारी को चुना है।
स्टार स्पोर्ट्स के 'Winner Stays On' सेगमेंट में कोहली से उनकी यादगार पारियों को एक-एक करके चुनने को कहा गया था। इस प्रक्रिया में उन्होंने होबार्ट में श्रीलंका के खिलाफ 133 रन की पारी और 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में 35 रन की पारी को चुना। इसके बाद उन्होंने 183 रन (पाकिस्तान के खिलाफ), 122 रन (इंग्लैंड के खिलाफ) और 160 रन (दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ) जैसी बड़ी पारियों को भी पीछे छोड़ दिया। अंतिम दौर में 2011 वर्ल्ड कप के 35 रन और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के 43 रन में से चुनते हुए, कोहली ने 43 रनों वाली पारी को ही बेस्ट बताया।
23 जून 2013 को एजबेस्टन में बारिश के कारण मैच 20-20 ओवर का हो गया था। उस समय भारत 66 रन पर 5 विकेट गंवाकर बुरी तरह फंसा हुआ था। वहां से कोहली ने 34 गेंदों में 43 रन (4 चौके, 1 छक्का) बनाए और रवींद्र जडेजा (33*) के साथ 47 रन की अहम साझेदारी की।
इस प्रयास के बाद भारत 129/7 तक पहुंचा और इंग्लैंड को 124/8 पर रोककर 5 रन से फाइनल जीतकर ट्रॉफी उठाई। उस मैच में कोहली दोनों टीमों के टॉप स्कोरर थे। कोहली का मानना है कि रनों की संख्या से अधिक उस पारी की अहमियत मायने रखती है।
स्टार स्पोर्ट्स के 'Winner Stays On' सेगमेंट में कोहली से उनकी यादगार पारियों को एक-एक करके चुनने को कहा गया था। इस प्रक्रिया में उन्होंने होबार्ट में श्रीलंका के खिलाफ 133 रन की पारी और 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में 35 रन की पारी को चुना। इसके बाद उन्होंने 183 रन (पाकिस्तान के खिलाफ), 122 रन (इंग्लैंड के खिलाफ) और 160 रन (दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ) जैसी बड़ी पारियों को भी पीछे छोड़ दिया। अंतिम दौर में 2011 वर्ल्ड कप के 35 रन और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के 43 रन में से चुनते हुए, कोहली ने 43 रनों वाली पारी को ही बेस्ट बताया।
23 जून 2013 को एजबेस्टन में बारिश के कारण मैच 20-20 ओवर का हो गया था। उस समय भारत 66 रन पर 5 विकेट गंवाकर बुरी तरह फंसा हुआ था। वहां से कोहली ने 34 गेंदों में 43 रन (4 चौके, 1 छक्का) बनाए और रवींद्र जडेजा (33*) के साथ 47 रन की अहम साझेदारी की।
इस प्रयास के बाद भारत 129/7 तक पहुंचा और इंग्लैंड को 124/8 पर रोककर 5 रन से फाइनल जीतकर ट्रॉफी उठाई। उस मैच में कोहली दोनों टीमों के टॉप स्कोरर थे। कोहली का मानना है कि रनों की संख्या से अधिक उस पारी की अहमियत मायने रखती है।