📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / HunterdeltaX15
रक्षा
वज्र कोर ने अमृतसर में 76वां राइज़िंग डे मनाया
✍️ newsonair.gov.in
🗓 07 अग. 2026, 09:18 AM
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भारतीय सेना के वज्र कोर ने मंगलवार को 76वां राइज़िंग डे मनाया, जिसमें परेड और 1947 के विभाजन के दौरान पंजाब की रक्षा करने वाले सैनिकों को सम्मानित किया गया।
वज्र कोर, जिसे आधिकारिक तौर पर 5वाँ पायदल डिवीजन कहा जाता है, ने मंगलवार को अपने 76वें राइज़िंग डे का जश्न अमृतसर के मुख्यालय में मनाया। इस समारोह में वरिष्ठ सेना अधिकारी और पूर्व सैनिकों ने भाग लिया।
21‑गन सल्यूट और पायदल, तोपखाने व इंजीनियरों की मार्च‑पैस ने इकाई की तत्परता को दर्शाया। कार्यक्रम में कोर का प्रतीक और 1947 के विभाजन के दौरान पंजाब की रक्षा करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि भी शामिल थी।
पूर्व ब्रिगेडियर एस. के. शर्मा, जिन्होंने कोर में सेवा की, ने कोर की विरासत और सीमा पर शांति बनाए रखने में इसकी भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने नए सैनिकों को कोर के नारे “पंजाब के रक्षक” को निभाने का आग्रह किया।
राइज़िंग डे कोर के 1 जुलाई 1947 को स्थापित होने की वर्षगांठ को चिह्नित करता है, जिससे यह भारतीय सेना के सबसे पुराने गठन में से एक बन जाता है। कार्यक्रम का समापन ध्वजारोहण समारोह और सतत सतर्कता के वादे के साथ हुआ।
21‑गन सल्यूट और पायदल, तोपखाने व इंजीनियरों की मार्च‑पैस ने इकाई की तत्परता को दर्शाया। कार्यक्रम में कोर का प्रतीक और 1947 के विभाजन के दौरान पंजाब की रक्षा करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि भी शामिल थी।
पूर्व ब्रिगेडियर एस. के. शर्मा, जिन्होंने कोर में सेवा की, ने कोर की विरासत और सीमा पर शांति बनाए रखने में इसकी भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने नए सैनिकों को कोर के नारे “पंजाब के रक्षक” को निभाने का आग्रह किया।
राइज़िंग डे कोर के 1 जुलाई 1947 को स्थापित होने की वर्षगांठ को चिह्नित करता है, जिससे यह भारतीय सेना के सबसे पुराने गठन में से एक बन जाता है। कार्यक्रम का समापन ध्वजारोहण समारोह और सतत सतर्कता के वादे के साथ हुआ।