📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Harshit SR
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धर्म
उत्तarakhand वैक़्फ बोर्ड ने निक़ाहनामे में विरासत और हलाला नियमों को बदलने का प्रस्ताव रखा
✍️ The Indian Express
🗓 06 सित. 2026, 02:26 AM
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उत्तarakhand वैक़्फ बोर्ड ने निक़ाहनामे में विरासत और हलाला से जुड़े प्रावधानों को बदलने की पहल की है।
उत्तarakhand वैक़्फ बोर्ड ने निक़ाहनामे में विरासत और हलाला से जुड़े प्रावधानों को बदलने के लिए औपचारिक प्रस्ताव पेश किया है। बोर्ड का कहना है कि मौजूदा नियम पुराने हो चुके हैं और आज के सामाजिक व कानूनी परिदृश्य को नहीं दर्शाते।
प्रस्ताव में पत्नी की विरासत के वितरण को स्पष्ट करने और हलाला प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी लगाने का प्रस्ताव है, जिससे इस प्रथा के दुरुपयोग को रोका जा सके। बोर्ड ने सुझाव दिया है कि हलाला को कानूनी नियंत्रण के तहत रखा जाए।
कानूनी विशेषज्ञों और समुदाय के नेताओं ने मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं। कुछ इस कदम को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के रूप में सराहते हैं, जबकि अन्य संविधानिक सुरक्षा के साथ धार्मिक व्यक्तिगत कानून में बदलाव को संतुलित करने की आवश्यकता पर बल देते हैं। बोर्ड ने कहा है कि यह प्रस्ताव राज्य सरकार को आगे की समीक्षा के लिए भेजा जाएगा।
स्वीकृति मिलने पर यह बदलाव अन्य राज्य वैक़्फ बोर्डों के लिए एक मिसाल बन सकता है और भारत में धार्मिक रीति‑रिवाजों और आधुनिक कानून के बीच चल रहे बहस को नई दिशा दे सकता है।
प्रस्ताव में पत्नी की विरासत के वितरण को स्पष्ट करने और हलाला प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी लगाने का प्रस्ताव है, जिससे इस प्रथा के दुरुपयोग को रोका जा सके। बोर्ड ने सुझाव दिया है कि हलाला को कानूनी नियंत्रण के तहत रखा जाए।
कानूनी विशेषज्ञों और समुदाय के नेताओं ने मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं। कुछ इस कदम को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के रूप में सराहते हैं, जबकि अन्य संविधानिक सुरक्षा के साथ धार्मिक व्यक्तिगत कानून में बदलाव को संतुलित करने की आवश्यकता पर बल देते हैं। बोर्ड ने कहा है कि यह प्रस्ताव राज्य सरकार को आगे की समीक्षा के लिए भेजा जाएगा।
स्वीकृति मिलने पर यह बदलाव अन्य राज्य वैक़्फ बोर्डों के लिए एक मिसाल बन सकता है और भारत में धार्मिक रीति‑रिवाजों और आधुनिक कानून के बीच चल रहे बहस को नई दिशा दे सकता है।