📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Doon Business School, Selaqui, Dehradun
शिक्षा
भूकंप के दो साल बाद भी उत्तराखंड के छात्र जमीन पर पढ़ते हैं
✍️ India Today
🗓 14 अक्टू. 2026, 05:31 AM
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भूकंप के दो साल बाद भी उत्तराखंड के कई स्कूलों में कक्षा नहीं है, जिससे छात्र जमीन पर पढ़ रहे हैं।
भूकंप के दो साल बाद भी उत्तराखंड के कई गांवों में स्कूलों की इमारतें पूरी तरह से पुनर्निर्मित नहीं हुई हैं। कई कक्षाओं में छत या दीवारें नहीं हैं, इसलिए शिक्षक छात्रों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाते हैं।
राज्य सरकार ने पुनर्निर्माण के लिए फंड आवंटित किए थे, परंतु कठिनाइयों और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण काम धीमा चल रहा है। अभिभावकों ने इस स्थिति पर निराशा जताई है, क्योंकि उचित कक्षा न होने से पढ़ाई में बाधा आती है और सुरक्षा का खतरा भी रहता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में प्रभावित स्कूलों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य तेज करने का आश्वासन दिया, परंतु स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी गई। इस बीच, छात्र खुद ही मैट और पोर्टेबल चॉकबोर्ड का उपयोग करके पाठ्यक्रम जारी रख रहे हैं।
यह घटना प्राकृतिक आपदाओं के बाद ग्रामीण शिक्षा पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों को उजागर करती है और टिकाऊ स्कूल संरचनाओं में निरंतर निवेश की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
राज्य सरकार ने पुनर्निर्माण के लिए फंड आवंटित किए थे, परंतु कठिनाइयों और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण काम धीमा चल रहा है। अभिभावकों ने इस स्थिति पर निराशा जताई है, क्योंकि उचित कक्षा न होने से पढ़ाई में बाधा आती है और सुरक्षा का खतरा भी रहता है।
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