📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Harshit SR
Derivative work: Unpetitpro
अपराध
उत्तarakhand में पहले सात महीनों में 775 सड़क मौतें दर्ज
✍️ news18.com
🗓 14 सित. 2026, 09:02 AM
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उत्तarakhand ने जनवरी से जुलाई 2024 तक 775 सड़क दुर्घटनाओं में मौतें दर्ज कर एक गंभीर सड़क सुरक्षा संकट को उजागर किया है।
उत्तarakhand के परिवहन विभाग ने बताया कि जनवरी से जुलाई 2024 तक राज्य में 775 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो गई। पुलिस और अस्पतालों के आंकड़ों को मिलाकर तैयार किया गया यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में काफी बढ़ा है, जिससे राज्य में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति उजागर होती है।
अधिकांश मौतें राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य सड़कों पर हुईं, जो पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरती हैं, जहाँ संकरी लेन, तीखे मोड़ और बदलते मौसम से दुर्घटनाओं का जोखिम अधिक होता है। ट्रैफ़िक नियमों की कमजोर प्रवर्तन और आपातकालीन सेवाओं की कमी को भी कारण बताया गया है।
राज्य सरकार ने गति सीमा के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने, गति कैमरों की संख्या बढ़ाने और दूरस्थ क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ करने का वादा किया है। नागरिक समाज समूहों ने व्यापक सड़क सुरक्षा ऑडिट और जन जागरूकता अभियानों की मांग की है ताकि इस घातक आँकड़े को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि निरंतर उपायों के बिना मौतों की संख्या बढ़ती रहेगी, जिससे उत्तarakhand भारत के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहाँ प्रति व्यक्ति सड़क मृत्यु दर सबसे अधिक है।
अधिकांश मौतें राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य सड़कों पर हुईं, जो पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरती हैं, जहाँ संकरी लेन, तीखे मोड़ और बदलते मौसम से दुर्घटनाओं का जोखिम अधिक होता है। ट्रैफ़िक नियमों की कमजोर प्रवर्तन और आपातकालीन सेवाओं की कमी को भी कारण बताया गया है।
राज्य सरकार ने गति सीमा के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने, गति कैमरों की संख्या बढ़ाने और दूरस्थ क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ करने का वादा किया है। नागरिक समाज समूहों ने व्यापक सड़क सुरक्षा ऑडिट और जन जागरूकता अभियानों की मांग की है ताकि इस घातक आँकड़े को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि निरंतर उपायों के बिना मौतों की संख्या बढ़ती रहेगी, जिससे उत्तarakhand भारत के उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहाँ प्रति व्यक्ति सड़क मृत्यु दर सबसे अधिक है।