📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Harshit SR
Derivative work: Unpetitpro
शिक्षा
उत्ताराखण्ड मोंटेसरी स्कूल की एंटी‑मोबाइल ड्रिल से बच्चों में आँसू
✍️ The Economic Times
🗓 23 सित. 2026, 04:32 AM
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उत्ताराखण्ड के एक मोंटेसरी स्कूल में एंटी‑मोबाइल फ़ोन गतिविधि के दौरान कई बच्चों के आँसू निकले, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई।
उत्ताराखण्ड के एक मोंटेसरी स्कूल ने बच्चों में मोबाइल फ़ोन के उपयोग को रोकने के लिए एक विशेष गतिविधि आयोजित की। इस कार्यक्रम में उपकरणों को जब्त कर सार्वजनिक रूप से डांटा गया, जिससे कई बच्चों के चेहरे पर आँसू आ गए।
इसे देखे अभिभावकों ने गहरी चिंता जताई, कुछ ने इसे "हृदय‑विदारक" कहा और इस तरह की सख़्त पद्धति की उपयुक्तता पर सवाल उठाए। इस गतिविधि में शामिल शिक्षकों ने कहा कि इसका उद्देश्य छात्रों का ध्यान बढ़ाना और कक्षा में डिजिटल व्याकुलता को कम करना था।
शिक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने की जरूरत तो है, परन्तु ऐसी विधियाँ जो भावनात्मक तनाव पैदा करती हैं, वे प्रभावी नहीं हो सकतीं। स्कूल ने अभी तक इस प्रतिक्रिया के मद्देनज़र अपनी नीति बदलने का कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
यह घटना भारतीय स्कूलों में तकनीक के उपयोग को संतुलित करने और छात्रों के कल्याण को सुरक्षित रखने के बीच बढ़ती टकराव को उजागर करती है, जो पूरे देश में एक चल रहा विमर्श है।
इसे देखे अभिभावकों ने गहरी चिंता जताई, कुछ ने इसे "हृदय‑विदारक" कहा और इस तरह की सख़्त पद्धति की उपयुक्तता पर सवाल उठाए। इस गतिविधि में शामिल शिक्षकों ने कहा कि इसका उद्देश्य छात्रों का ध्यान बढ़ाना और कक्षा में डिजिटल व्याकुलता को कम करना था।
शिक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने की जरूरत तो है, परन्तु ऐसी विधियाँ जो भावनात्मक तनाव पैदा करती हैं, वे प्रभावी नहीं हो सकतीं। स्कूल ने अभी तक इस प्रतिक्रिया के मद्देनज़र अपनी नीति बदलने का कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
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