📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harshit.S.R
देश
उत्तarakhand हाई कोर्ट ने रखरखाव बढ़ाया, कहा स्वैच्छिक बचत से दावा नहीं घटेगा
✍️ The Indian Express
🗓 19 अग. 2026, 02:37 PM
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उत्तarakhand हाई कोर्ट ने पारिवारिक विवाद में रखरखाव राशि बढ़ाई और कहा कि पति की स्वैच्छिक बचत से दावा कम नहीं किया जा सकता।
उत्तarakhand हाई कोर्ट ने एक पारिवारिक मामले में रखरखाव की राशि बढ़ाते हुए निर्णय सुनाया। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि पति द्वारा की गई स्वैच्छिक बचत को रखरखाव के दावे में घटाव के रूप में नहीं माना जा सकता।
जजों ने कहा कि रखरखाव की गणना लाभार्थी की वास्तविक जरूरतों पर आधारित होनी चाहिए, न कि भुगतानकर्ता की वैकल्पिक बचत पर। इस प्रकार की बचत को घटाव के रूप में स्वीकार न करने से रखरखाव कानून की सुरक्षा भावना को बल मिलता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राज्य भर में समान विवादों में एक मिसाल बन सकता है, जिससे लाभार्थी को वास्तविक जीवन खर्चों के आधार पर समर्थन मिलेगा, न कि भुगतानकर्ता की वित्तीय पसंद के आधार पर।
यह फैसला उत्तarakhand हाई कोर्ट के एक डिवीजन बेंच द्वारा दिया गया, जो देहरादून में स्थित है, और भविष्य में पारिवारिक कानून के मामलों में उद्धृत किया जा सकता है।
जजों ने कहा कि रखरखाव की गणना लाभार्थी की वास्तविक जरूरतों पर आधारित होनी चाहिए, न कि भुगतानकर्ता की वैकल्पिक बचत पर। इस प्रकार की बचत को घटाव के रूप में स्वीकार न करने से रखरखाव कानून की सुरक्षा भावना को बल मिलता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय राज्य भर में समान विवादों में एक मिसाल बन सकता है, जिससे लाभार्थी को वास्तविक जीवन खर्चों के आधार पर समर्थन मिलेगा, न कि भुगतानकर्ता की वित्तीय पसंद के आधार पर।
यह फैसला उत्तarakhand हाई कोर्ट के एक डिवीजन बेंच द्वारा दिया गया, जो देहरादून में स्थित है, और भविष्य में पारिवारिक कानून के मामलों में उद्धृत किया जा सकता है।