📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harshit.S.R
अपराध
उत्तरीाखंड उच्च न्यायालय ने कदमधारी के लिए रखरखाव का आदेश दिया
✍️ The Indian Express
🗓 25 अग. 2026, 07:18 PM
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उत्तरीाखंड उच्च न्यायालय ने एक पुरुष को कदमधारी के लिए रखरखाव देने का आदेश दिया, जिसे उसने परिवार का हिस्सा माना था।
उत्तरीाखंड उच्च न्यायालय ने एक पुरुष को उसके कदमधारी के लिए रखरखाव देने का आदेश दिया, जिसे उसने अपने परिवार का हिस्सा माना था।
यह मामला तब सामने आया जब कदमधारी ने अपने जैविक पिता की मृत्यु के बाद आर्थिक सहायता की मांग की। दावेदार ने तर्क दिया कि पुरुष ने बच्चे की देखभाल की और उसके लिए व्यवस्था की।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि कदमधारी को परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकार करने से उसे रखरखाव देने की कानूनी जिम्मेदारी बनती है, और यह निर्णय हिंदू गोद लेने और रखरखाव अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों पर आधारित है।
आदेश के तहत उत्तरदाता को मासिक रखरखाव राशि का भुगतान करना होगा, जिसे समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, और किसी भी आगे के निर्देशों का पालन करना होगा।
कदमधारी अब इस आदेश के प्रवर्तन के लिए कदम उठा सकता है, और उत्तरदाता के पास निर्धारित समय सीमा के भीतर अपील दाखिल करने का विकल्प है।
यह मामला तब सामने आया जब कदमधारी ने अपने जैविक पिता की मृत्यु के बाद आर्थिक सहायता की मांग की। दावेदार ने तर्क दिया कि पुरुष ने बच्चे की देखभाल की और उसके लिए व्यवस्था की।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि कदमधारी को परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकार करने से उसे रखरखाव देने की कानूनी जिम्मेदारी बनती है, और यह निर्णय हिंदू गोद लेने और रखरखाव अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों पर आधारित है।
आदेश के तहत उत्तरदाता को मासिक रखरखाव राशि का भुगतान करना होगा, जिसे समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, और किसी भी आगे के निर्देशों का पालन करना होगा।
कदमधारी अब इस आदेश के प्रवर्तन के लिए कदम उठा सकता है, और उत्तरदाता के पास निर्धारित समय सीमा के भीतर अपील दाखिल करने का विकल्प है।