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18 सित. 2026
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उत्तरा कश्मीर उच्च न्यायालय ने पिडिलाइट के SBR लेटेक्स को रबर के रूप में वर्गीकृत कर 5% GST लगाया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harshit.S.R
बिज़नेस

उत्तरा कश्मीर उच्च न्यायालय ने पिडिलाइट के SBR लेटेक्स को रबर के रूप में वर्गीकृत कर 5% GST लगाया

✍️ LiveLawBiz 🗓 18 सित. 2026, 06:36 PM 👁 16
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उत्तरा कश्मीर उच्च न्यायालय ने पिडिलाइट के SBR लेटेक्स उत्पादों को ‘रबर’ वर्ग में रखा, जिससे 5% GST लागू हुआ। यह निर्णय कंपनी द्वारा दायर याचिका के बाद आया।

उत्तरा कश्मीर उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के SBR लेटेक्स उत्पादों को भारतीय टैरिफ शेड्यूल में ‘रबर’ प्रविष्टि के अंतर्गत रखा। इसके परिणामस्वरूप, इन वस्तुओं पर 5% जीएसटी दर लागू होगी, जबकि कंपनी ने पहले कम दर का दावा किया था।

पिडिलाइट, जो अपने चिपकने वाले और सीलेंट उत्पादों के लिए जाना जाता है, ने तर्क दिया था कि उसका SBR लेटेक्स रबर नहीं है और इसे कम कर दर पर वर्गीकृत किया जाना चाहिए। न्यायालय ने कंपनी के वर्गीकरण को अपर्याप्त पाया और मौजूदा टैरिफ वर्गीकरण को बरकरार रखा।

यह निर्णय पिडिलाइट द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिसमें कंपनी ने अपने उत्पाद की संरचना के आधार पर कर राहत मांगी थी। कंपनी के कानूनी दल ने दावा किया था कि लेटेक्स की गुणधर्म पारंपरिक रबर से काफी अलग हैं।

यह फैसला पिडिलाइट के उत्पादों की घरेलू कीमतों पर प्रभाव डाल सकता है, जिससे निर्माण और औद्योगिक अनुप्रयोगों में लेटेक्स पर निर्भर उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए लागत बढ़ सकती है।

उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय अन्य लेटेक्स-आधारित उत्पाद निर्माताओं को अपने टैरिफ वर्गीकरण और कर दायित्वों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
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