📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harshit.S.R
अपराध
उत्तराखंड एचसी का नशे में ड्राइविंग पर फैसला
✍️ The Economic Times
🗓 16 जुल. 2026, 04:49 PM
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उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि शराब की गंध से अकेले नशे में ड्राइविंग का सबूत नहीं मिल सकता। यह फैसला ऐसे मामलों में ठोस सबूत की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नशे में ड्राइविंग के मामलों के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय के अनुसार, किसी ड्राइवर पर शराब की गंध का मात्र होना यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है कि वे नशे की हालत में गाड़ी चला रहे थे। यह फैसला यह स्थापित करने के लिए ठोस सबूत जैसे कि रक्त परीक्षण या ब्रेथ एनालाइज़र के परिणामों के संग्रह के महत्व पर बल देता है। यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के अभियोजन के लिए निहितार्थ रखने की उम्मीद है। यह नशे में ड्राइविंग को साबित करने के लिए एक अधिक कठोर दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर देता है, केवल गंध पर निर्भरता से परे बढ़कर।