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20 सित. 2026
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उत्तराखंड के ग्लेशियर औसतन 23 मीटर/वर्ष घट रहे हैं, कुछ 88 मीटर तक खो रहे हैं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
विज्ञान

उत्तराखंड के ग्लेशियर औसतन 23 मीटर/वर्ष घट रहे हैं, कुछ 88 मीटर तक खो रहे हैं

✍️ Hindustan Times 🗓 20 सित. 2026, 05:32 PM 👁 13
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एक नवीन अध्ययन के अनुसार, उत्तराखंड के ग्लेशियर औसतन हर वर्ष 23 मीटर घट रहे हैं, जबकि कुछ 88 मीटर तक खो रहे हैं।

एक नवीन वैज्ञानिक मूल्यांकन से पता चला है कि उत्तराखंड के ग्लेशियर औसतन हर वर्ष 23 मीटर की दर से घट रहे हैं। इस अध्ययन ने उपग्रह चित्रों और स्थल पर मापों का विश्लेषण किया और पाया कि कुछ ग्लेशियर 88 मीटर तक घट गए हैं।

परिणाम हिमालयी क्षेत्र पर जलवायु परिवर्तन के तेज प्रभावों को रेखांकित करते हैं। ग्लेशियर द्रव्यमान में कमी से नीचे की ओर रहने वाले समुदायों के लिए जल सुरक्षा पर असर पड़ेगा, जो कृषि और पीने के पानी के लिए पिघलते पानी पर निर्भर हैं।

शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान गर्मी की प्रवृत्ति जारी रहती है, तो आने वाले दशकों में शेष ग्लेशियर भंडार में काफी कमी आ सकती है, जिससे नदी प्रवाह बदल सकता है और ग्लेशियर झील विस्फोट बाढ़ का जोखिम बढ़ सकता है।

स्थानीय अधिकारियों और पर्यावरण समूहों ने ग्लेशियर स्वास्थ्य की निगरानी और अनुकूल जल प्रबंधन रणनीतियों को लागू करने के लिए तात्कालिक कार्रवाई की मांग की है।
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