📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
बिज़नेस
उत्तarakhand के मुख्यमंत्री धामी ने व्यापारियों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया
✍️ Hindustan Times
🗓 31 अग. 2026, 12:39 PM
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी व्यापारिक समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए सरकार कदम उठाएगी।
देहरादून, उत्तराखंड – एक संक्षिप्त संवाद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय व्यापारियों द्वारा लाइसेंसिंग में देरी, बाजार बुनियादी ढाँचे की कमी और कर वसूली में अनियमितताओं को लेकर उठाए गए मुद्दों को स्वीकार किया। धामी ने कहा कि राज्य प्रशासन प्रत्येक शिकायत की समीक्षा कर रहा है और संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार‑मित्र माहौल राज्य की आर्थिक प्रगति के लिये आवश्यक है और सुधारात्मक कदमों की निगरानी के लिये एक विशेष कार्यदल बनाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से अनुरोध किया कि वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से विस्तृत याचिकाएँ जमा करें ताकि सबसे तात्कालिक समस्याओं को प्राथमिकता दी जा सके।
हालाँकि कोई विशिष्ट समय‑सीमा नहीं बताई गई, धामी ने आश्वासन दिया कि आगामी विधानसभा सत्र में प्रगति की रिपोर्ट दी जाएगी। यह बयान कई व्यापारी संघों द्वारा प्रमुख शहरों में शांतिपूर्ण विरोध के बाद आया, जिसमें वस्तुओं की तेज़ मंजूरी और पारदर्शी शुल्क संरचना की माँग की गई थी।
विश्लेषकों का मानना है कि धामी का हस्तक्षेप उत्तराखंड सरकार की निवेश आकर्षित करने और छोटे‑स्तर के व्यापार को पुनर्जीवित करने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, विशेषकर महामारी‑पश्चात पुनरुद्धार के चरण में।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार‑मित्र माहौल राज्य की आर्थिक प्रगति के लिये आवश्यक है और सुधारात्मक कदमों की निगरानी के लिये एक विशेष कार्यदल बनाया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से अनुरोध किया कि वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से विस्तृत याचिकाएँ जमा करें ताकि सबसे तात्कालिक समस्याओं को प्राथमिकता दी जा सके।
हालाँकि कोई विशिष्ट समय‑सीमा नहीं बताई गई, धामी ने आश्वासन दिया कि आगामी विधानसभा सत्र में प्रगति की रिपोर्ट दी जाएगी। यह बयान कई व्यापारी संघों द्वारा प्रमुख शहरों में शांतिपूर्ण विरोध के बाद आया, जिसमें वस्तुओं की तेज़ मंजूरी और पारदर्शी शुल्क संरचना की माँग की गई थी।
विश्लेषकों का मानना है कि धामी का हस्तक्षेप उत्तराखंड सरकार की निवेश आकर्षित करने और छोटे‑स्तर के व्यापार को पुनर्जीवित करने की व्यापक रणनीति को दर्शाता है, विशेषकर महामारी‑पश्चात पुनरुद्धार के चरण में।