📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
स्थानीय
उत्तरी भारत के मुख्यमंत्री धामी ने हारिपुर कल्सी में नई 7.52 करोड़ रुपये की यमुना घाट का उद्घाटन किया
✍️ hindustantimes.com
🗓 18 सित. 2026, 06:46 PM
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उत्तरी भारत के मुख्यमंत्री रमेश पोखरीयाल ‘निशांक’ धामी ने हारिपुर कल्सी में यमुना नदी पर नई 7.52 करोड़ रुपये की घाट का उद्घाटन किया।
एक साफ़ सुबह, उत्तरी भारत के मुख्यमंत्री रमेश पोखरीयाल ‘निशांक’ धामी ने हारिपुर कल्सी में यमुना नदी पर नई घाट का उद्घाटन किया। यह 7.52 करोड़ रुपये की लागत वाली संरचना, तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए धार्मिक अनुष्ठान करने और स्वच्छ स्नान स्थल का उपयोग करने हेतु समर्पित है।
गांव के पश्चिमी किनारे पर स्थित यह घाट, स्टेप्स, एक छोटा पवेलियन और ड्रेनेज सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसे स्वच्छता बनाए रखने और त्योहारों के दौरान बड़े भीड़ को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह परियोजना राज्य के नदी तट बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और यमुना के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
अधिकारियों ने कहा कि नई घाट स्थानीय आर्थिक गतिविधि का समर्थन करेगी, जिससे आसपास के क्षेत्र में छोटे व्यवसायों और आतिथ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्घाटन में कई राज्य अधिकारी और समुदाय के नेता उपस्थित थे, जिन्होंने नदी के सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित करने के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
राज्य सरकार ने घाट को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि यह तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान बना रहे। धामी ने इस तरह के प्रोजेक्ट्स के महत्व पर जोर दिया, जो उत्तरी भारत को धार्मिक पर्यटन के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने में मदद करते हैं।
गांव के पश्चिमी किनारे पर स्थित यह घाट, स्टेप्स, एक छोटा पवेलियन और ड्रेनेज सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसे स्वच्छता बनाए रखने और त्योहारों के दौरान बड़े भीड़ को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह परियोजना राज्य के नदी तट बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और यमुना के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
अधिकारियों ने कहा कि नई घाट स्थानीय आर्थिक गतिविधि का समर्थन करेगी, जिससे आसपास के क्षेत्र में छोटे व्यवसायों और आतिथ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। उद्घाटन में कई राज्य अधिकारी और समुदाय के नेता उपस्थित थे, जिन्होंने नदी के सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित करने के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
राज्य सरकार ने घाट को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि यह तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान बना रहे। धामी ने इस तरह के प्रोजेक्ट्स के महत्व पर जोर दिया, जो उत्तरी भारत को धार्मिक पर्यटन के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने में मदद करते हैं।