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सरकारी योजना
उत्तर प्रदेश ने ईवी सब्सिडी पोर्टल लॉन्च किया, इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा
✍️ Business Standard
🗓 28 सित. 2026, 06:38 PM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया, जिसमें पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया बताई गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक‑वाहन (ईवी) सब्सिडी योजना को संभालने के लिये एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। इस मंच पर पात्रता, उपलब्ध वित्तीय सहायता और आवेदन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
पोर्टल के अनुसार, निजी वाहन मालिक, व्यावसायिक बेड़े के ऑपरेटर और उन निर्माताओं को यह योजना उपलब्ध है जिनकी गाड़ियों में निर्धारित बैटरी क्षमता और मूल्य सीमा पूरी होती है। सब्सिडी की राशि वाहन के प्रकार और बैटरी विनिर्देशों के आधार पर अलग‑अलग निर्धारित की जाएगी, जैसा कि आधिकारिक दिशानिर्देशों में बताया गया है।
आवेदनकर्ता को पोर्टल पर खाता बनाकर आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं और वे अपने आवेदन की स्थिति को डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रैक कर सकते हैं। इस पोर्टल का संचालन राज्य के परिवहन विभाग द्वारा किया जाएगा और इसे मौजूदा वाहन पंजीकरण प्रणाली से जोड़ा जाएगा ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुगम हो सके।
अधिकारियों का कहना है कि यह डिजिटल समाधान प्रक्रिया को तेज़ करेगा, कागजी कार्य को कम करेगा और राज्य को ईवी अपनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी।
पोर्टल के अनुसार, निजी वाहन मालिक, व्यावसायिक बेड़े के ऑपरेटर और उन निर्माताओं को यह योजना उपलब्ध है जिनकी गाड़ियों में निर्धारित बैटरी क्षमता और मूल्य सीमा पूरी होती है। सब्सिडी की राशि वाहन के प्रकार और बैटरी विनिर्देशों के आधार पर अलग‑अलग निर्धारित की जाएगी, जैसा कि आधिकारिक दिशानिर्देशों में बताया गया है।
आवेदनकर्ता को पोर्टल पर खाता बनाकर आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं और वे अपने आवेदन की स्थिति को डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रैक कर सकते हैं। इस पोर्टल का संचालन राज्य के परिवहन विभाग द्वारा किया जाएगा और इसे मौजूदा वाहन पंजीकरण प्रणाली से जोड़ा जाएगा ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुगम हो सके।
अधिकारियों का कहना है कि यह डिजिटल समाधान प्रक्रिया को तेज़ करेगा, कागजी कार्य को कम करेगा और राज्य को ईवी अपनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी।