📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
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बिज़नेस
उत्तर प्रदेश ने मॉडल बिल्डिंग रेगुलेशन्स 2026 को मंजूरी दी, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के रियल एस्टेट पर असर
✍️ Hindustan Times
🗓 11 अक्टू. 2026, 08:36 AM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने मॉडल बिल्डिंग रेगुलेशन्स 2026 को मंजूरी दी, जो नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण व रियल एस्टेट पर प्रभाव डालेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को मॉडल बिल्डिंग रेगुलेशन्स 2026 को औपचारिक रूप से मंजूरी दी, जिससे राज्य के निर्माण प्रोजेक्ट्स के लिए नया ढाँचा तैयार हुआ। इन नियमों में सुरक्षा, पर्यावरणीय और संरचनात्मक मानकों को कड़ा किया गया है, जिन्हें डेवलपर्स को अनुमोदन प्राप्त करने से पहले पूरा करना होगा।
मुख्य प्रावधानों में अग्नि सुरक्षा, भूकंपीय प्रतिरोध और सतत् सामग्रियों का उपयोग शामिल है, जिसका उद्देश्य दुर्घटनाओं को कम करना और भवनों की दीर्घायु बढ़ाना है। नियमों में विस्तृत दस्तावेजीकरण और नियमित निरीक्षण भी अनिवार्य हैं, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया सरल होगी पर लागत बढ़ सकती है।
रियल‑एस्टेट विश्लेषकों का अनुमान है कि ये नई दिशानिर्देश विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के तेजी से विकसित हो रहे कोरिडोरों पर प्रभाव डालेंगे। इन क्षेत्रों के डेवलपर्स को प्रारंभिक लागत बढ़ सकती है, पर उच्च गुणवत्ता और सुरक्षित भवनों के कारण निवेशक विश्वास बढ़ सकता है।
सरकार ने एक चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना की घोषणा की है, जिसमें मौजूदा प्रोजेक्ट्स को नए मानकों के अनुरूप लाने के लिए संक्रमण अवधि तय की गई है। उद्योग समूहों ने बिल्डरों और डेवलपर्स के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन और सहायता तंत्र की मांग की है।
मुख्य प्रावधानों में अग्नि सुरक्षा, भूकंपीय प्रतिरोध और सतत् सामग्रियों का उपयोग शामिल है, जिसका उद्देश्य दुर्घटनाओं को कम करना और भवनों की दीर्घायु बढ़ाना है। नियमों में विस्तृत दस्तावेजीकरण और नियमित निरीक्षण भी अनिवार्य हैं, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया सरल होगी पर लागत बढ़ सकती है।
रियल‑एस्टेट विश्लेषकों का अनुमान है कि ये नई दिशानिर्देश विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के तेजी से विकसित हो रहे कोरिडोरों पर प्रभाव डालेंगे। इन क्षेत्रों के डेवलपर्स को प्रारंभिक लागत बढ़ सकती है, पर उच्च गुणवत्ता और सुरक्षित भवनों के कारण निवेशक विश्वास बढ़ सकता है।
सरकार ने एक चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना की घोषणा की है, जिसमें मौजूदा प्रोजेक्ट्स को नए मानकों के अनुरूप लाने के लिए संक्रमण अवधि तय की गई है। उद्योग समूहों ने बिल्डरों और डेवलपर्स के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन और सहायता तंत्र की मांग की है।