📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Sachinghai09
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राजनीति
उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के एसडीजी लक्ष्य तेज करने का निर्णय लिया
✍️ The Hindu
🗓 18 सित. 2026, 05:15 AM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा क्षेत्रों में सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) की प्रगति को तेज करने का संकल्प लिया है।
उत्तर प्रदेश की राज्य मंत्रिपरिषद ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) की कार्यान्वयन समीक्षा के लिए बैठक बुलाई और स्वास्थ्य, पोषण तथा शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रगति को तेज करने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने बताया कि इन क्षेत्रों में अब तक कुछ प्रगति हुई है, पर 2030 के लक्ष्य को हासिल करने के लिये गति बढ़ानी आवश्यक है।
स्वास्थ्य के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, मातृ‑शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार और रोग निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया जाएगा। पोषण के क्षेत्र में मध्याह्न भोजन योजना का विस्तार, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिये अतिरिक्त पोषण कार्यक्रमों को बढ़ावा और कुपोषण दरों की बेहतर निगरानी शामिल है।
शिक्षा के लिए स्कूल में नामांकन और निरंतरता बढ़ाने, डिजिटल बुनियादी ढाँचा उन्नत करने तथा शिक्षक प्रशिक्षण को सुधारने के उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार ने अतिरिक्त बजट आवंटन और केंद्र सरकार व विकास साझेदारों के साथ समन्वय को मजबूत करने की बात कही है।
नागरिक समाज और शैक्षणिक संस्थानों को इन योजनाओं में योगदान देने के लिये आमंत्रित किया गया है और त्रैमासिक प्रगति को ट्रैक करने हेतु एक निगरानी ढाँचा स्थापित किया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय और वैश्विक सतत विकास उद्देश्यों के साथ संरेखित होने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, मातृ‑शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार और रोग निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया जाएगा। पोषण के क्षेत्र में मध्याह्न भोजन योजना का विस्तार, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिये अतिरिक्त पोषण कार्यक्रमों को बढ़ावा और कुपोषण दरों की बेहतर निगरानी शामिल है।
शिक्षा के लिए स्कूल में नामांकन और निरंतरता बढ़ाने, डिजिटल बुनियादी ढाँचा उन्नत करने तथा शिक्षक प्रशिक्षण को सुधारने के उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार ने अतिरिक्त बजट आवंटन और केंद्र सरकार व विकास साझेदारों के साथ समन्वय को मजबूत करने की बात कही है।
नागरिक समाज और शैक्षणिक संस्थानों को इन योजनाओं में योगदान देने के लिये आमंत्रित किया गया है और त्रैमासिक प्रगति को ट्रैक करने हेतु एक निगरानी ढाँचा स्थापित किया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय और वैश्विक सतत विकास उद्देश्यों के साथ संरेखित होने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।