📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Department of State from United States
विदेश
यूएस‑सऊदी समझौते से नाभिकीय प्रसार की चिंता
✍️ Telangana Today
🗓 28 जुल. 2026, 06:03 AM
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टेलंगाना टुडे के संपादकीय में चेतावनी दी गई है कि यूएस‑सऊदी के हालिया समझौते से नाभिकीय प्रसार तेज हो सकता है, और कड़ी सुरक्षा की अपील की गई है।
टेलंगाना टुडे के संपादकीय में बताया गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुआ समझौता नाभिकीय प्रसार को तेज कर सकता है। लेख में उल्लेख किया गया है कि इस समझौते में ऐसी प्रावधान हैं जो सऊदी को उन्नत नाभिकीय तकनीक तक पहुँच आसान बना सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता बढ़ रही है।
संपादकीय के अनुसार, यह समझौता सऊदी अरब को अपने नाभिकीय कार्यक्रम को विस्तारित करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और बुनियादी ढाँचा प्रदान कर सकता है, जिससे देश के लिए नाभिकीय हथियार विकसित करना संभव हो सकता है। लेखकों का तर्क है कि इस तरह का बदलाव मौजूदा नाभिकीय प्रसार विरोधी मानदंडों को कमजोर कर सकता है और क्षेत्रीय हथियार दौड़ को प्रोत्साहित कर सकता है।
संपादकीय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ी सुरक्षा उपायों को लागू करने और संयुक्त राज्य अमेरिका से आग्रह किया है कि वह समझौते में सख्त सत्यापन तंत्र शामिल करे। यह बताया गया है कि निगरानी में किसी भी कमी से वैश्विक सुरक्षा पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।
संपादकीय के अनुसार, यह समझौता सऊदी अरब को अपने नाभिकीय कार्यक्रम को विस्तारित करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और बुनियादी ढाँचा प्रदान कर सकता है, जिससे देश के लिए नाभिकीय हथियार विकसित करना संभव हो सकता है। लेखकों का तर्क है कि इस तरह का बदलाव मौजूदा नाभिकीय प्रसार विरोधी मानदंडों को कमजोर कर सकता है और क्षेत्रीय हथियार दौड़ को प्रोत्साहित कर सकता है।
संपादकीय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ी सुरक्षा उपायों को लागू करने और संयुक्त राज्य अमेरिका से आग्रह किया है कि वह समझौते में सख्त सत्यापन तंत्र शामिल करे। यह बताया गया है कि निगरानी में किसी भी कमी से वैश्विक सुरक्षा पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।