📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Drmaseeh
बिज़नेस
यू.एस. टैरिफ योजना ने भारतीय फ़ार्मा को विविधीकरण और नवाचार के लिए प्रेरित किया, विशेषज्ञों का कहना
✍️ Business Standard
🗓 27 जुल. 2026, 03:52 AM
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यू.एस. टैरिफ योजना ने भारतीय फ़ार्मा कंपनियों को अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करने और नई शोध में निवेश करने के लिए प्रेरित किया है, विशेषज्ञों का कहना है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने दवाइयों के आयात पर प्रभाव डालने वाली टैरिफ योजना शुरू की है, जिससे भारतीय दवा निर्माण क्षेत्र में हलचल मची है।
इसके जवाब में, भारतीय फ़ार्मा कंपनियाँ अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विविधीकरण कर रही हैं और अनुसंधान व विकास को बढ़ा रही हैं ताकि यू.एस. बाजार पर निर्भरता कम की जा सके।
उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि इस टैरिफ कदम से घरेलू आरएंडडी निवेश तेज़ होंगे और भारत में जेनरिक दवाओं के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
सेक्टर नई निर्यात बाजारों की खोज और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती के माध्यम से अनुकूलन की उम्मीद कर रहा है।
इसके जवाब में, भारतीय फ़ार्मा कंपनियाँ अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विविधीकरण कर रही हैं और अनुसंधान व विकास को बढ़ा रही हैं ताकि यू.एस. बाजार पर निर्भरता कम की जा सके।
उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि इस टैरिफ कदम से घरेलू आरएंडडी निवेश तेज़ होंगे और भारत में जेनरिक दवाओं के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
सेक्टर नई निर्यात बाजारों की खोज और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती के माध्यम से अनुकूलन की उम्मीद कर रहा है।