📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / USDAgov
रक्षा
अमेरिका की राष्ट्रीय रक्षा रणनीति में भारत के साथ बढ़ता सहयोग
✍️ ThePrint
🗓 30 सित. 2026, 06:44 AM
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संयुक्त राज्य की नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति भारत के साथ बढ़ते रक्षा सहयोग को रेखांकित करती है।
संयुक्त राज्य रक्षा विभाग ने नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी की है, जिसमें भारत को इंडो‑पैसिफिक परिप्रेक्ष्य के केंद्र में रखा गया है। इस दस्तावेज़ में कहा गया है कि भारत के साथ मजबूत रक्षा संबंध क्षेत्रीय स्थिरता और उभरती सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए आवश्यक हैं।
रणनीति के प्रमुख बिंदुओं में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग जैसी साझा प्राथमिकताओं को उजागर किया गया है। इसमें संयुक्त अभ्यासों का विस्तार, बलों की पारस्परिकता बढ़ाने और रक्षा अनुसंधान व खरीद में गहरी साझेदारी की योजना बताई गई है।
अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया, इसे पहले से मजबूत साझेदारी का स्वाभाविक विकास बताया। दोनों पक्ष इस बढ़े हुए सहयोग को क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का सामना करने का साधन मानते हैं।
यह रणनीति भारत को समान विचारधारा वाले लोकतांत्रिक देशों के बीच एक प्रमुख साझेदार के रूप में प्रस्तुत करती है, जो इंडो‑पैसिफिक में सुरक्षा सहयोग के नेटवर्क को सुदृढ़ करने के अमेरिकी व्यापक लक्ष्य को दर्शाती है।
रणनीति के प्रमुख बिंदुओं में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग जैसी साझा प्राथमिकताओं को उजागर किया गया है। इसमें संयुक्त अभ्यासों का विस्तार, बलों की पारस्परिकता बढ़ाने और रक्षा अनुसंधान व खरीद में गहरी साझेदारी की योजना बताई गई है।
अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया, इसे पहले से मजबूत साझेदारी का स्वाभाविक विकास बताया। दोनों पक्ष इस बढ़े हुए सहयोग को क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का सामना करने का साधन मानते हैं।
यह रणनीति भारत को समान विचारधारा वाले लोकतांत्रिक देशों के बीच एक प्रमुख साझेदार के रूप में प्रस्तुत करती है, जो इंडो‑पैसिफिक में सुरक्षा सहयोग के नेटवर्क को सुदृढ़ करने के अमेरिकी व्यापक लक्ष्य को दर्शाती है।