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24 अग. 2026
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संयुक्त राज्य में F‑J वीज़ा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ नियम पर 3 सितंबर 2026 को सुनवाई
📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
शिक्षा

संयुक्त राज्य में F‑J वीज़ा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ नियम पर 3 सितंबर 2026 को सुनवाई

✍️ Times of India 🗓 24 अग. 2026, 03:38 AM 👁 3
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संयुक्त राज्य के एक संघीय न्यायालय ने 3 सितंबर 2026 को F और J वीज़ा धारकों के ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ नियम में प्रस्तावित बदलाव को चुनौती देने के तर्कों पर सुनवाई तय की है। याचिकाकर्ता इस परिवर्तन को अनिश्चितता और शैक्षणिक संस्थानों के आर्थिक नुकसान का कारण मानते हैं।

संयुक्त राज्य के संघीय न्यायालय ने 3 सितंबर 2026 को एक सुनवाई निर्धारित की है, जिसमें F और J वीज़ा छात्रों के लिए मौजूदा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ ढांचे में प्रस्तावित बदलाव को चुनौती देने वाले कानूनी तर्कों की समीक्षा होगी। यदि लागू किया गया तो यह नियम छात्रों के शैक्षणिक कार्यक्रम की अवधि से जुड़े वर्तमान दिशानिर्देशों को बदल देगा।

वर्तमान व्यवस्था में स्टेटस की अवधि सीधे नामांकन और कार्यक्रम समाप्ति तिथियों से जुड़ी होती है, जिससे छात्रों और संस्थानों को स्पष्ट समयसीमा मिलती है। प्रस्तावित संशोधन इस अवधि की गणना के तरीके को बदलने का इरादा रखता है, जिससे कई व्याख्याओं की संभावना उत्पन्न हो सकती है।

शैक्षणिक संस्थानों के एक गठबंधन ने कहा है कि यह बदलाव अनिश्चितता पैदा करता है, जिससे नामांकन योजना, वीज़ा अनुपालन निगरानी और ट्यूशन आय पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के ट्यूशन पर भारी निर्भर कॉलेजों के आर्थिक नुकसान का हवाला दिया और गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की हालिया टिप्पणियों को अपर्याप्त बताया।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुनवाई का परिणाम अमेरिकी उच्च शिक्षा क्षेत्र पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है, जहाँ हर साल लाखों विदेशी छात्र पढ़ते हैं। यदि प्रस्तावित बदलाव को मंजूरी मिलती है तो विश्वविद्यालयों को प्रवेश नीतियों और वित्तीय पूर्वानुमानों में बदलाव करना पड़ सकता है, जबकि नियम को खारिज करने से मौजूदा स्थिति बनी रहेगी।

यह मामला इस बात पर प्रकाश डालता है कि आप्रवासन नीति कैसे अमेरिकी संस्थानों के आर्थिक और शैक्षणिक हितों के साथ जुड़ी है, जो विविध वैश्विक छात्र समुदाय पर निर्भर हैं।
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