📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Air Force photo by Airman 1st Class Nathaniel
रक्षा
जोधपुर के तरंग शक्ति अभ्यास में अमेरिकी F-35 ने भारतीय तेजस-राफेल के साथ पहली बार एक साथ उड़ान भरी
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 04 अक्टू. 2026, 08:15 AM
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जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय तरंग शक्ति अभ्यास में अमेरिकी F-35 ने भारतीय तेजस-राफेल के साथ पहली बार एक ही फॉर्मेशन में उड़ान भरी।
राजस्थान के जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय तरंग शक्ति अभ्यास में एक अभूतपूर्व संयुक्त उड़ान देखी गई, जहाँ अमेरिकी F‑35 ने भारत के स्वदेशी तेजस और फ्रेंच‑निर्मित राफेल विमानों के साथ एक ही फॉर्मेशन में उड़ान भरी।
यह संयुक्त sortie भारत वायु सेना और अमेरिकी सहयोगी के बीच बढ़ती पारस्परिकता को दर्शाती है, यह साबित करती है कि पाँचवीं पीढ़ी की स्टेल्थ प्लेटफ़ॉर्म भारत के चौथी पीढ़ी के लड़ाकों के साथ सहजता से कार्य कर सकती है।
तरंग शक्ति अभ्यास, जोधपुर एयर फ़ोर्स स्टेशन में आयोजित, कई मित्र राष्ट्रों के हवाई उपकरणों को एक साथ लाता है ताकि वायु‑रक्षा, एयरोनॉटिकल रिफ्यूलिंग और संयुक्त‑ऑपरेशन की योजना बनायी जा सके। F‑35 की भागीदारी इस अभ्यास में नई परत जोड़ती है, जिससे विभिन्न विमान पीढ़ियों के बीच संचार लिंक और रणनीतिक प्रक्रियाओं की जाँच संभव हो पाती है।
अधिकारियों ने बताया कि यह संयुक्त फॉर्मेशन बिना किसी घटना के सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिससे पायलटों की पेशेवरता और पूर्व समन्वय बैठकों की प्रभावशीलता स्पष्ट हुई। यह ड्रिल भारत‑अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
F‑35 को तेजस और राफेल के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत करने से भविष्य में अधिक बार संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संभावना बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में संभावित बहुपक्षीय सुरक्षा चुनौतियों के लिए तत्परता में सुधार होगा।
यह संयुक्त sortie भारत वायु सेना और अमेरिकी सहयोगी के बीच बढ़ती पारस्परिकता को दर्शाती है, यह साबित करती है कि पाँचवीं पीढ़ी की स्टेल्थ प्लेटफ़ॉर्म भारत के चौथी पीढ़ी के लड़ाकों के साथ सहजता से कार्य कर सकती है।
तरंग शक्ति अभ्यास, जोधपुर एयर फ़ोर्स स्टेशन में आयोजित, कई मित्र राष्ट्रों के हवाई उपकरणों को एक साथ लाता है ताकि वायु‑रक्षा, एयरोनॉटिकल रिफ्यूलिंग और संयुक्त‑ऑपरेशन की योजना बनायी जा सके। F‑35 की भागीदारी इस अभ्यास में नई परत जोड़ती है, जिससे विभिन्न विमान पीढ़ियों के बीच संचार लिंक और रणनीतिक प्रक्रियाओं की जाँच संभव हो पाती है।
अधिकारियों ने बताया कि यह संयुक्त फॉर्मेशन बिना किसी घटना के सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिससे पायलटों की पेशेवरता और पूर्व समन्वय बैठकों की प्रभावशीलता स्पष्ट हुई। यह ड्रिल भारत‑अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
F‑35 को तेजस और राफेल के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत करने से भविष्य में अधिक बार संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संभावना बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र में संभावित बहुपक्षीय सुरक्षा चुनौतियों के लिए तत्परता में सुधार होगा।