📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
टेक्नोलॉजी
गूगल AI रहस्य चोरी के मामले में अमेरिका ने चीनी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट
✍️ Times of India
🗓 21 अक्टू. 2026, 09:48 AM
👁 16
गूगल से 2,000 से अधिक गोपनीय AI दस्तावेजों की चोरी के मामले में डिंग लिनवेई की सजा के बाद अमेरिका ने शंघाई ज़िशुआन टेक्नोलॉजी और मिरैकलप्लस पर प्रतिबंध लगाए हैं।
अमेरिकी सरकार ने ज्ञानसंपदा की चोरी के एक बड़े मामले के जवाब में दो चीनी संस्थाओं, शंघाई ज़िशुआन टेक्नोलॉजी और मिरैकलप्लस पर प्रतिबंध लगाए हैं। यह कार्रवाई डिंग लिनवेई की सजा के बाद की गई है, जिन्हें गूगल से महत्वपूर्ण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यापारिक रहस्यों की चोरी का दोषी माना गया था।
मामले की जानकारी के अनुसार, लिनवेई ने चीनी कंपनियों को 2,000 से अधिक गोपनीय दस्तावेजों का हस्तांतरण किया था, जिससे गूगल के स्वामित्व वाले AI शोध को गंभीर नुकसान हुआ। अमेरिकी अधिकारियों ने इन कंपनियों को चोरी की गई तकनीक के प्रमुख लाभार्थियों के रूप में पहचाना है।
मिरैकलप्लस, जिसने ज़िशुआन की स्टार्टअप प्रयासों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की थी, भी निगरानी में है। इस कंपनी की सह-संस्थापक लू क्ही हैं, जो पूर्व में वाई कॉम्बिनेटर के चीन विभाग की प्रमुख थीं। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य महत्वपूर्ण तकनीक की आगे की चोरी को रोकना और AI क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करना है।
मामले की जानकारी के अनुसार, लिनवेई ने चीनी कंपनियों को 2,000 से अधिक गोपनीय दस्तावेजों का हस्तांतरण किया था, जिससे गूगल के स्वामित्व वाले AI शोध को गंभीर नुकसान हुआ। अमेरिकी अधिकारियों ने इन कंपनियों को चोरी की गई तकनीक के प्रमुख लाभार्थियों के रूप में पहचाना है।
मिरैकलप्लस, जिसने ज़िशुआन की स्टार्टअप प्रयासों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की थी, भी निगरानी में है। इस कंपनी की सह-संस्थापक लू क्ही हैं, जो पूर्व में वाई कॉम्बिनेटर के चीन विभाग की प्रमुख थीं। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य महत्वपूर्ण तकनीक की आगे की चोरी को रोकना और AI क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करना है।