📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / United States Department of State
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यूएस राजदूत ने 1,000+ अमेरिकी कंपनियों को कर्नाटक में उजागर किया, भारत-यूएस संबंधों की प्रशंसा की
✍️ The Economic Times
🗓 08 अग. 2026, 11:03 AM
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यूएस राजदूत सर्जियो गोर ने बेंगलुरु में 1,000 से अधिक अमेरिकी कंपनियों के कर्नाटक में संचालन पर प्रकाश डाला और भारत-यूएस आर्थिक संबंधों की प्रशंसा की।
यूएस राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए कर्नाटक में 1,000 से अधिक अमेरिकी कंपनियों के संचालन पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी की प्रशंसा की, और निवेश व तकनीकी आदान-प्रदान के पारस्परिक लाभों पर जोर दिया।
गोर ने बताया कि राज्य में अमेरिकी फर्मों की उपस्थिति, विशेषकर प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्रों में, रोजगार सृजन और कौशल विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने बेंगलुरु की वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में प्रतिष्ठा और अमेरिकी उद्यमों की नवाचार में भूमिका को रेखांकित किया।
राजदूत ने इंडो‑यूएस संबंधों को और मजबूत करने के लिए शोध, व्यापार और नीति समन्वय पर निरंतर सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय व्यवसायों को अमेरिकी बाजार में अवसरों की खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया, एक संतुलित और पारस्परिक संबंध की आवश्यकता पर बल देते हुए।
उनके बयान एक व्यापक कूटनीतिक प्रयास के बीच आए, जिसका उद्देश्य आर्थिक सहयोग को गहरा करना है, ताकि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार व निवेश प्रवाह में वृद्धि हो सके।
गोर ने बताया कि राज्य में अमेरिकी फर्मों की उपस्थिति, विशेषकर प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्रों में, रोजगार सृजन और कौशल विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने बेंगलुरु की वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में प्रतिष्ठा और अमेरिकी उद्यमों की नवाचार में भूमिका को रेखांकित किया।
राजदूत ने इंडो‑यूएस संबंधों को और मजबूत करने के लिए शोध, व्यापार और नीति समन्वय पर निरंतर सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय व्यवसायों को अमेरिकी बाजार में अवसरों की खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया, एक संतुलित और पारस्परिक संबंध की आवश्यकता पर बल देते हुए।
उनके बयान एक व्यापक कूटनीतिक प्रयास के बीच आए, जिसका उद्देश्य आर्थिक सहयोग को गहरा करना है, ताकि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार व निवेश प्रवाह में वृद्धि हो सके।