📷 चित्र स्रोत: The Indian Express (via NewsData)
देश
यूपीएससी परीक्षा में पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी और प्राचीन भारतीय इतिहास पर जोर
✍️ The Indian Express
🗓 23 जून 2026, 09:02 AM
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22 जून, 2026 के यूपीएससी परीक्षा पाठ्यक्रम में पश्चिमी घाट के पारिस्थितिक महत्व और राखीगढ़ी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला गया है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की 22 जून, 2026 की परीक्षा के पाठ्यक्रम में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से पश्चिमी घाट पर महत्वपूर्ण जोर दिया गया है। यह ध्यान परीक्षा के उम्मीदवारों की भारत के महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट और पर्यावरणीय चुनौतियों की समझ का आकलन करने के इरादे को दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा में राखीगढ़ी जैसे प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को भी शामिल किया जाएगा, जो सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। इस समावेश से भारत के प्राचीन इतिहास और इसके पुरातात्विक महत्व में गहरी जानकारी मिलने की संभावना है, जो उम्मीदवारों के देश की विरासत के ज्ञान का परीक्षण करेगा।
व्यापक पाठ्यक्रम में मानव विज्ञान सर्वेक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता विनियमन में प्रगति और स्वदेशी नौसेना जहाजरानी क्षमताओं सहित समकालीन और विकासात्मक विषयों पर भी प्रकाश डाला गया है। ये विविध विषय यूपीएससी परीक्षा की व्यापक प्रकृति को दर्शाते हैं, जिसका उद्देश्य सुशिक्षित सिविल सेवा उम्मीदवारों की पहचान करना है।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा में राखीगढ़ी जैसे प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को भी शामिल किया जाएगा, जो सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है। इस समावेश से भारत के प्राचीन इतिहास और इसके पुरातात्विक महत्व में गहरी जानकारी मिलने की संभावना है, जो उम्मीदवारों के देश की विरासत के ज्ञान का परीक्षण करेगा।
व्यापक पाठ्यक्रम में मानव विज्ञान सर्वेक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता विनियमन में प्रगति और स्वदेशी नौसेना जहाजरानी क्षमताओं सहित समकालीन और विकासात्मक विषयों पर भी प्रकाश डाला गया है। ये विविध विषय यूपीएससी परीक्षा की व्यापक प्रकृति को दर्शाते हैं, जिसका उद्देश्य सुशिक्षित सिविल सेवा उम्मीदवारों की पहचान करना है।