📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / WikiMann123
बिज़नेस
UPI की मुफ्त ₹30 लेन‑देन पर ₹20,000 करोड़ का सवाल
✍️ NDTV
🗓 20 अग. 2026, 06:42 PM
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भारत का UPI ₹30 तक के लेन‑देन पर शुल्क नहीं लेता, पर विशेषज्ञों का कहना है कि यह मॉडल ₹20,000 करोड़ की लागत चुनौती का सामना कर सकता है।
भारत का यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) ने ₹30 तक के लेन‑देन पर कोई शुल्क नहीं लेकर अपनी लोकप्रियता बनाई है। यह शून्य‑शुल्क मॉडल देश में डिजिटल भुगतान के अपनाने को तेज़ करने में मुख्य कारक रहा है।
₹30 तक के मुफ्त लेन‑देन को अक्सर “चमत्कार” कहा जाता है, जिसने UPI को अरबों लेन‑देन और छोटे‑मूल्य के व्यापार को समर्थन दिया है।
विश्लेषकों का कहना है कि इन लेन‑देन को प्रोसेस करने की लागत बहुत अधिक है और कुल खर्च लगभग ₹20,000 करोड़ तक पहुँच सकता है। यह वित्तीय बोझ इस बात को चुनौती देता है कि UPI कितनी देर तक मुफ्त रह सकता है और भविष्य में छोटे‑मूल्य के भुगतान पर शुल्क लग सकता है।
₹30 तक के मुफ्त लेन‑देन को अक्सर “चमत्कार” कहा जाता है, जिसने UPI को अरबों लेन‑देन और छोटे‑मूल्य के व्यापार को समर्थन दिया है।
विश्लेषकों का कहना है कि इन लेन‑देन को प्रोसेस करने की लागत बहुत अधिक है और कुल खर्च लगभग ₹20,000 करोड़ तक पहुँच सकता है। यह वित्तीय बोझ इस बात को चुनौती देता है कि UPI कितनी देर तक मुफ्त रह सकता है और भविष्य में छोटे‑मूल्य के भुगतान पर शुल्क लग सकता है।