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UPI और RuPay भुगतान पर ₹2,000 तक शुल्क मुक्त, 2,000 से ऊपर के लेनदेन पर व्यापारी को 0.3‑0.5% शुल्क
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वित्त मंत्रालय की नई अधिसूचना के अनुसार, ₹2,000 तक के यूपीआई लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, जबकि उससे अधिक पर शुल्क व्यापारी से लिया जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने नई अधिसूचना जारी की, जिसमें बताया गया कि सभी बैंकों और सिस्टम प्रदाताओं को ₹2,000 तक के यूपीआई और RuPay भुगतान पर कोई शुल्क वसूलने से रोक दिया गया है। यह कदम उपभोक्ताओं को छोटे लेनदेन में अतिरिक्त खर्च से बचाने के लिये है।
दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क दर निर्धारित करने का अधिकार राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को दिया गया है। अनुमानित शुल्क 0.3 से 0.5 प्रतिशत के बीच रहेगा और यह शुल्क सीधे ग्राहक से नहीं, बल्कि व्यापारी या दुकानदार से वसूला जाएगा।
उदाहरण स्वरूप, यदि कोई ग्राहक ₹5,000 की खरीदारी करता है तो व्यापारी को लगभग ₹15 से ₹25 तक का शुल्क देना पड़ सकता है। यह शुल्क व्यापारी के लाभ पर असर डाल सकता है, इसलिए व्यापारी को इस नई व्यवस्था से अवगत होना आवश्यक है।
व्यक्ति‑से‑व्यक्ति (P2P) यूपीआई लेनदेन पर अभी भी कोई शुल्क नहीं लगेगा, जिससे व्यक्तिगत भुगतान में सुविधा बनी रहेगी। नई नीति का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को सुलभ और किफायती बनाना है।
दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क दर निर्धारित करने का अधिकार राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को दिया गया है। अनुमानित शुल्क 0.3 से 0.5 प्रतिशत के बीच रहेगा और यह शुल्क सीधे ग्राहक से नहीं, बल्कि व्यापारी या दुकानदार से वसूला जाएगा।
उदाहरण स्वरूप, यदि कोई ग्राहक ₹5,000 की खरीदारी करता है तो व्यापारी को लगभग ₹15 से ₹25 तक का शुल्क देना पड़ सकता है। यह शुल्क व्यापारी के लाभ पर असर डाल सकता है, इसलिए व्यापारी को इस नई व्यवस्था से अवगत होना आवश्यक है।
व्यक्ति‑से‑व्यक्ति (P2P) यूपीआई लेनदेन पर अभी भी कोई शुल्क नहीं लगेगा, जिससे व्यक्तिगत भुगतान में सुविधा बनी रहेगी। नई नीति का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को सुलभ और किफायती बनाना है।