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19 सित. 2026
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UPI के मोड़ पर: मुफ्त सेवा क्यों ज़रूरी है
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / LuzViMindaLife
टेक्नोलॉजी

UPI के मोड़ पर: मुफ्त सेवा क्यों ज़रूरी है

✍️ The Assam Tribune 🗓 19 सित. 2026, 06:16 AM 👁 18
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विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि UPI पर शुल्क लगाने से डिजिटल भुगतान के विस्तार में बाधा आ सकती है।

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI), जो भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र की रीढ़ बन चुका है, अब उसकी मुफ्त‑से‑उपयोग मॉडल को लेकर नीति चर्चा का सामना कर रहा है। उद्योग विश्लेषकों और उपभोक्ता समूहों ने इस बात पर चिंता जताई है कि शुल्क लगने से पिछले कुछ वर्षों में देखी गई तेज़ अपनाने की गति धीमी पड़ सकती है।

हितधारक यह तर्क देते हैं कि शून्य‑लागत संरचना ने विशेषकर ग्रामीण और कम‑आय वर्ग के लाखों उपयोगकर्ताओं को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि मुफ्त लेन‑देन ने छोटे व्यापारियों और गिग वर्करों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे वित्तीय समावेशन में वृद्धि हुई।

नीति निर्माताओं द्वारा वर्तमान मॉडल की स्थिरता की समीक्षा की जा रही है, जिसमें भुगतान बैंकों की राजस्व जरूरतों को व्यापक आर्थिक लाभों के साथ संतुलित करने की कोशिश है। इस समीक्षा का परिणाम इस बात को निर्धारित करेगा कि प्लेटफ़ॉर्म कैसे विकसित होगा और क्या वह भारत के नकद‑रहित अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को आगे बढ़ाते रहेंगे।

अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है, पर यह चर्चा इस बात को उजागर करती है कि एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को मोनेटाइज़ करने और सभी नागरिकों के लिए उसकी पहुँच बनाए रखने के बीच नाज़ुक संतुलन बनाना कितना आवश्यक है।
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