📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
कृषि
केंद्रीय मंत्री ने कहा, कृषि‑पर्यटन से उत्तर‑पूर्व में आर्थिक उछाल
✍️ India Today NE
🗓 30 अक्टू. 2026, 06:03 AM
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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कृषि‑पर्यटन से उत्तर‑पूर्व में नई आय के स्रोत और पर्यटन वृद्धि हो सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर‑पूर्व के आठ राज्यों में कृषि‑पर्यटन को विकसित करने से क्षेत्रीय विकास में नई गति मिल सकती है। उन्होंने बताया कि खेती‑पर्यटन से किसानों की आय में विविधता आएगी और इस क्षेत्र की अनोखी सांस्कृतिक व प्राकृतिक संपदा को दर्शाने का अवसर मिलेगा।
पर्यटकों को ग्रामीण होमस्टे में ठहरने, खेत‑कार्य में भाग लेने और स्थानीय उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित करके, यह पहल किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। साथ ही यह स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और परम्परागत रीति‑रिवाज़ों को बढ़ावा देकर विरासत को संरक्षित करने में मदद करेगी।
सरकार राज्य पर्यटन विभागों के साथ मिलकर बुनियादी ढाँचा सुधारने, किसानों को आतिथ्य मानकों पर प्रशिक्षण देने और घरेलू‑विदेशी यात्रियों को आकर्षित करने के लिए प्रचार अभियान चलाने की योजना बना रही है। इस समन्वित प्रयास से रोजगार, विशेषकर युवा वर्ग के लिए, बढ़ेगा और परिवहन व खुदरा जैसे सहायक क्षेत्रों को भी लाभ होगा।
जुड़ी चुनौतियों में सीमित कनेक्टिविटी, गुणवत्ता प्रमाणन की आवश्यकता और पर्यावरणीय स्थिरता शामिल हैं। इन मुद्दों को सुलझाने के लिए लक्षित योजनाओं और क्षमता‑वृद्धि कार्यक्रमों के माध्यम से कदम उठाए जाएंगे, जिससे कृषि‑पर्यटन को क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास इंजन के रूप में स्थापित किया जा सके।
पर्यटकों को ग्रामीण होमस्टे में ठहरने, खेत‑कार्य में भाग लेने और स्थानीय उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित करके, यह पहल किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। साथ ही यह स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और परम्परागत रीति‑रिवाज़ों को बढ़ावा देकर विरासत को संरक्षित करने में मदद करेगी।
सरकार राज्य पर्यटन विभागों के साथ मिलकर बुनियादी ढाँचा सुधारने, किसानों को आतिथ्य मानकों पर प्रशिक्षण देने और घरेलू‑विदेशी यात्रियों को आकर्षित करने के लिए प्रचार अभियान चलाने की योजना बना रही है। इस समन्वित प्रयास से रोजगार, विशेषकर युवा वर्ग के लिए, बढ़ेगा और परिवहन व खुदरा जैसे सहायक क्षेत्रों को भी लाभ होगा।
जुड़ी चुनौतियों में सीमित कनेक्टिविटी, गुणवत्ता प्रमाणन की आवश्यकता और पर्यावरणीय स्थिरता शामिल हैं। इन मुद्दों को सुलझाने के लिए लक्षित योजनाओं और क्षमता‑वृद्धि कार्यक्रमों के माध्यम से कदम उठाए जाएंगे, जिससे कृषि‑पर्यटन को क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास इंजन के रूप में स्थापित किया जा सके।